कल्पना कीजिए उस पल की, जब एक शेर गुस्से में आपकी तरफ बढ़ रहा हो और आप उसे एकटक बढ़ते हुए देख रहे हों. निहार रहे हों और बस यही चाह रहे हों कि थोड़ी देर और. यकीनन इसे पागलपन ही समझा जाएगा, लेकिन पाकिस्तान के आतिफ सईद के इस पागलपन ने जो कारनामा किया है, उसकी आज दुनियाभर में चर्चा है.
आतिफ पेशे से फोटोग्राफर है. उसका शौक है, जो मन को सुकून देता है. पेशा है, जो पेट भरता है. लेकिन इसमें एक ललक भी है, जो कुछ कर गुजरने की चाहत बन जाती है. लाहौर में रहने वाले 38 वर्षीय आतिफ ने भी कुछ ऐसा ही किया. उन्होंने ने शेर के ठीक सामने बैठकर न सिर्फ अद्भुत तस्वीर खींची बल्कि उसका शिकार बनने से भी खुद को बचाया.
angry king..
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'आतिफ सईद फाइन आर्ट फोटोग्राफी' नाम के फेसबुक पेज पर इस तस्वीर को 'एंग्री किंग' कैप्शन के साथ डाला गया है. बताया जाता है कि यह तस्वीर 2012 में खींची गई थी और आतिफ लाहौर सफारी पार्क घूमने गए थे. अब यह तस्वीर इंटरनेट पर हो गई है. आतिफ कहते हैं, 'मुझे इस शेर के गले पर घने बाल काफी पसंद आए और यही वजह थी, जिसके कारण मैं बिना डरे उसकी तस्वीर खींचने पहुंच गया.'
तस्वीर का रोमांच
आतिफ बताते हैं, 'तस्वीर खींचने के लिए मैं अपनी कार से बाहर आया और जमीन पर बैठकर शेर की ओर पत्थर फेंका. मुझे उसकी
गुस्से से भरी तस्वीर चाहिए थी. आहट सुनकर शेर मेरी तरह गुर्राया और झपटने के लिए मेरी ओर बढ़ा. मैं अपने कैमरे की लेंस में उसे
अपनी ओर बढ़ते हुए देख रहा था. यह अद्भुत क्षण था, जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.'
यह खुदा का खैर ही है कि आतिफ ने न सिर्फ अच्छी तस्वीर खींची बल्कि सुरक्षित कार तक पहुंचकर अपनी जान भी बचाई. आतिफ कहते हैं, 'मामला बेहद करीबी था. वह हंसते हुए कहते हैं, 'शायद अब मैं दोबारा ऐसा नहीं कर पाउंगा.'