पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय कहे जाने वाले मदरसे और मस्जिद की निगरानी के लिए दो प्रशासक नियुक्त किए हैं. पंजाब प्रांत की सरकार ने लाहौर से करीब 4 हजार किलोमीटर दूर बहावलपुर में मदरसातुल साबिर और जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह को अपने कब्जे में लेने के ऐलान के दो दिन के बाद इमरान सरकार ने रविवार को इन प्रशासकों की नियुक्ति की है. पुलवामा हमले की जैश द्वारा जिम्मेदारी लेने के बाद पूरी दुनिया में बेनकाब होने के बीच पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला किया है.
माना जाता है कि मदरसा और मस्जिद आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है. पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पंजाब सरकार ने जिला औकाफ प्रशासक मोहम्मद अली और क्षेत्रीय औकाफ प्रशासक गुलाम अब्बास को जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह और मदरसातुल साबिर, बहावलपुर के प्रशासनिक मामलों की निगरानी के लिए नियुक्त किया है.
जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह बहावलपुर के मॉडल टाउन-बी में घनी आबादी वाले औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है, जबकि मदरसातुल साबिर शहर के बाहरी इलाके में बहावलपुर-अहमद राजमार्ग पर स्थित है. इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के अपने ही दावे को खारिज कर दिया और कहा कि परिसर का जैश-ए-मोहम्मद से कोई संबंध नहीं है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट कर एक वीडियो संदेश में कहा कि पंजाब सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान लिए गए फैसलों के अनुसार राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत बहावलपुर में मदरसातुल साबिर और जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.
फवाद चौधरी ने अपनी पूर्व घोषणा को खारिज किया कि परिसर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है, उन्होंने कहा, यह मदरसा है और भारत यह दुष्प्रचार कर रहा है कि यह जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर में कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय मदरसातुल साबिर और जामिया मस्जिद सुब्हानअल्लाह के परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इसके मामलों के प्रबंधन के लिए एक प्रशासक नियुक्त किया है.
The Government of Punjab has taken over the control of a campus comprising Madressatul Sabir and Jama-e-Masjid Subhanallah in Bahawalpur: Spokesman of the Ministry of Interior
— Govt of Pakistan (@pid_gov) February 22, 2019
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हाल के वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ कि लाहौर से लगभग 430 किलोमीटर दूर स्थित परिसर को पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर के नेतृत्व वाले जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय के रूप में स्वीकार किया गया. पाकिस्तान गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि जैश के खिलाफ कार्रवाई प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई. बयान में कहा गया कि मदरसे में 70 शिक्षक और वर्तमान में 600 छात्र हैं.
इसमें कहा गया कि पंजाब पुलिस परिसर को सुरक्षा प्रदान कर रही है. पंजाब सरकार के अधिकारी ने कहा कि 2002 में जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाने के बाद से खुफिया एजेंसियां नियमित रूप से मस्जिद और मदरसा की निगरानी कर रही हैं. बता दें कि पाकिस्तान ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. जमात उद दावा आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, जो मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार है और जिसमें 166 लोग मारे गए थे.
गौरतलब है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए एक घातक आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और पांच घायल हुए थे. पुलवामा जिले में हुए इस हमले में जैश के हमलावर ने विस्फोटकों से भरा अपना वाहन जवानों की बस में टकरा दिया था. हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे.