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FATF के अगले सत्र तक 'ग्रे लिस्ट' में रह सकता है पकिस्तान: रिपोर्ट

पाकिस्तान को फरवरी 2021 में भी टास्क मिला था कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ की कुछ शर्तों को पूरा कर लेता है तो उसे लिस्ट से बाहर किया जा सकता है. पाकिस्तान ने 27 मापदंडों में से 3 को पूरा करने में असमर्थता दिखाई थी.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2022 के सत्र में लिया जा सकता है अगला फैसला
  • 2020 में भी ग्रे लिस्ट में था पाक

आतंकवाद को बढ़ावा देने और वित्त पोषण करने वाले पाकिस्तान के FATF की 'ग्रे लिस्ट' में अगले साल तक बने रहने का अनुमान है. एक रिपोर्ट के अनुसार, पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का तीन दिवसीय सत्र 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चलेगा जिसमें मंगलवार के सत्र में सूचित किया जा सकता है कि पाकिस्तान अभी भी FATF मानदंड को पूरा करने से कम है. 

जर्मन मीडिया हाउस डॉयचे वेले के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' से बाहर करने का वैश्विक निकाय का फैसला अप्रैल 2022 में होने वाले अगले सत्र में लिया जा सकता है.

एफएटीएफ ने जून में पाकिस्तान को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में विफल पाते हुए अपनी 'ग्रे लिस्ट' में रखा. वहीं इस्लामाबाद को हाफिज सईद और मसूद अजहर सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूहों के वरिष्ठ नेताओं और कमांडरों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए कहा था.

पाकिस्तान को जून 2018 में FATF द्वारा ग्रे लिस्ट में रखा गया था और उसे अक्टूबर, 2019 तक इसे पूरा करने के लिए कार्य योजना दी गई थी. तब से FATF के आदेश का पालन करने में विफलता के कारण पाक उस सूची में बना हुआ है.

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फरवरी में भी पाकिस्तान को मिला था FATF से झटका

पाकिस्तान को फरवरी 2021 में भी टास्क मिला था कि अगर पाकिस्तान एफएटीएफ की कुछ शर्तों को पूरा कर लेता है तो उसे लिस्ट से बाहर किया जा सकता है. पाकिस्तान ने 27 मापदंडों में से 3 को पूरा करने में असमर्थता दिखाई थी. जिसके बाद उसका ग्रे स्टेटस बरकरार रखा गया था.

2020 में भी ग्रे लिस्ट में था पाक

पाकिस्तान लगातार एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बना हुआ है. पाकिस्तान ने तब 27 पैरामीटर में से 6 पैरामीटर पूरे नहीं कर सका था. फिर पाकिस्तान को नसीहत मिली थी कि पाकिस्तान को और ज्यादा अपने देश में ध्यान देने की जरूरत है.

 

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