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श्रीलंकाई की निर्मम हत्या पर घिरा पाकिस्तान, मंत्री ने उछाला भारतीय मुसलमानों का मुद्दा

पाकिस्तान के सियालकोट में एक श्रीलंकाई बिजनेसमैन की सरेआम लिंचिंग की घटना पर लोगों में कड़ा रोष है और पाकिस्तानी सरकार इस मुद्दे पर डैमेज कंट्रोल में जुटी है. अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस मामले में भी भारत पर निशाना साधा है

फवाद चौधरी, फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स फवाद चौधरी, फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स
स्टोरी हाइलाइट्स
  • श्रीलंकाई शख्स की लिंचिंग पर फवाद चौधरी का बयान
  • 'पाकिस्तान ने एकजुट होकर विदेशी शख्स की हत्या की निंदा की'

पाकिस्तान के सियालकोट में एक श्रीलंकाई बिजनेसमैन की सरेआम लिंचिंग की घटना पर लोगों में कड़ा रोष है और पाकिस्तानी सरकार इस मुद्दे पर डैमेज कंट्रोल में जुटी है. अक्सर अपने बयानों के चलते विवादों में रहने वाले पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस मामले में भी भारत पर निशाना साधा है और श्रीलंकाई बिजनेसमैन की लिंचिंग पर पाकिस्तान की सामूहिक प्रतिक्रिया की सराहना की है. 

'भारत सरकार हेट क्राइम्स पर नहीं लेती कोई एक्शन'

पाकिस्तान सरकार में सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने इस्लामाबाद में कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया और कहा कि हमारे देश में सभी लोगों ने विदेशी नागरिक की निर्मम हत्या की आलोचना की है. हमारी प्रतिक्रिया दर्शाती है कि हम भारत और उन देशों से काफी अलग हैं जहां ऐसी घटनाएं नियमित रूप से होती हैं. भारत में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ अक्सर धर्म के नाम पर होने वाले नफरत भरे अपराध यानी हेट क्राइम्स की घटनाएं सामने आती हैं लेकिन भारत की सरकार इन अपराधों को रोकने के लिए कोई एक्शन नहीं लेती है. 

सियालकोट त्रासदी को लेकर इमरान खान का भी आया बयान

फवाद चौधरी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान का भी हवाला दिया और कहा कि पूरे देश ने सियालकोट त्रासदी की उसी तरह से निंदा की है और देश ऐसे ही एकजुट हुआ है जैसा कुछ साल पहले आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए नरसंहार के दौरान पाकिस्तान एकजुट हो गया था. उन्होंने ये भी कहा कि ये पाकिस्तान के लिए शर्म का दिन है. पाकिस्तान के कुछ बड़े मौलवी शोक व्यक्त करने के लिए इस्लामाबाद में श्रीलंकाई उच्चायोग भी पहुंचे थे.

श्रीलंकाई संसद में गूंज चुका है मामला

गौरतलब है कि सियालकोट में श्रीलंका के प्रियंथा दियावड़ाना कुमारा एक कपड़े की फैक्ट्री में एक्सपोर्ट मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे. इस शख्स पर फैक्ट्री के मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के नाम वाले पोस्टर फाड़ डाले थे. इसके बाद फैक्ट्री के मजदूरों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीटने के बाद मार डाला था. इस घटना को लेकर दुनिया भर में पाकिस्तान की काफी आलोचना हुई. सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानियों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था. श्रीलंका की संसद में भी बीते शनिवार को ये मामला उठा था और पाकिस्तान से श्रीलंकाई प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही थी. 

 

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