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पाकिस्तान को तालिबान ने क्या आश्वासन दे दिया है?

तालिबान ने एक मुलाकात के दौरान कहा है कि वो अपनी धरती पर तहरीक ए के तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के आतंक को नहीं पनपने देगा. वहीं इस बात पर भी जोर दिया गया है कि दोनों ही संगठनों द्वारा पााकिस्तान में आतंकी हमले नहीं किए जाएंगे.

पाक पीएम इमरान खान पाक पीएम इमरान खान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आतंकवाद पर पाकिस्तान को तालिबान से मिला ये आश्वासन
  • पाक विदेश मंत्री ने जताई खुशी

अफगानिस्तान में जब से तालिबान ने अपनी सरकार बनाई है, पाकिस्तान के उसके साथ रिश्ते लगातार करीबी के बने हुए हैं. तालिबान को डिफेंड करने से लेकर दुनिया से उसकी मदद करने तक, पाकिस्तान की सरकार हर वो कदम उठा रही है जिससे तालिबान में बैठे नेता खुश हो सकें. अब हाल ही में अफगानिस्तान गए पाकिस्तानी विदेश मंत्री को तालिबान ने बड़ा आश्वासन दे दिया है.

पाकिस्तान को तालिबान से मिला ये आश्वासन

तालिबान ने एक मुलाकात के दौरान कहा है कि वो अपनी धरती पर तहरीक ए के तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के आतंक को नहीं पनपने देगा. वहीं इस बात पर भी जोर दिया गया है कि दोनों ही संगठनों द्वारा पााकिस्तान में आतंकी हमले नहीं किए जाएंगे. अब अभी के लिए ये बयान भी शाह महमूद कुरैशी ने दिया है, तालिबान की तरफ से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है.

लेकिन पाकिस्तान इसे अपनी एक बड़ी सफलता के तौर पर देख रहा है. उसकी नजरों में तालिबान ने उनकी बड़ी चिंता को दूर कर दिया है. अब जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान में दोनों तहरीक ए के तालिबान पाकिस्तान और बलूचिस्तान नेशनल आर्मी को बैन कर रखा है. दोनों ही संगठनों पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हमला करने का आरोप है. अब क्योंकि ये दोनों ही संगठन अफगानिस्तान में सक्रिय हैं, ऐसे में पाकिस्तान ने तालिबान से जाकर अपने देश की सुरक्षा के लिए गारंटी मांगी है.

कुरैशी की तालिबान से मुलाकात

वैसे शाह महमूद कुरैशी की आकस्मिक अफगानिस्तान यात्रा ने सभी को हैरत में डाल दिया था. अटकलों का बाजार गर्म था कि आखिर किस मुद्दे पर पाकिस्तान, तालिबान से मदद चाहता है. लेकिन अब ये स्पष्ट हो चुका है कि पाकिस्तान तालिबान के सामने अपने देश की सुरक्षा के लिए गया था. अब क्योंकि वो आश्वासन भी तालिबानी नेताओं  दे दिया है, ऐसे में पाकिस्तानी मंत्री खासा संतुष्ट नजर आ रहे हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि तालिबान संग बीते कुछ दिनों में कई मुल्कों की बातचीत हो चुकी है. हाल ही में मास्को में भी एक बैठक का आयोजन किया गया था. उस बैठक में भारत ने भी हिस्सा लिया था. वहां भी तालिबानी नेताओं संग सीधा संवाद स्थापित किया गया था.

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