पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने माना कि तालिबान पर पाकिस्तान का कुछ असर जरूर है, लेकिन नियंत्रण नहीं है.
'हमें सिर्फ बातचीत का रास्ता बनाना था'
रेडियो की रिपोर्ट के मुताबिक, अजीज ने कहा कि यह अफगानिस्तान सरकार के हाथ में है कि वह तालिबान के साथ वार्ता शुरू करे. पाकिस्तान का काम केवल इस वार्ता के लिए रास्ता तैयार करना था. उन्होंने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान, दोनों अफगान मेल-मिलाप प्रक्रिया का समर्थन करते हैं. अब यह अफगानिस्तान की पर है कि वह यह चाहती है या नहीं.
अजीज बोले, कोई भी देश अफगानिस्तान में जंग नहीं चाहता. पाकिस्तान और अमेरिका चाहते हैं कि अफगान सरकार और तालिबान के बीच वार्ता शुरू हो. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का यह साफ रुख है कि उसकी धरती का इस्तेमाल किसी और देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा.
अफगानिस्तान-पाकिस्तान के रिश्तों में हमले से खटास
बेहतर हो रहे थे लेकिन काबुल में हुए हालिया हमलों ने इनके बीच फिर से खटास बढ़ा दी. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने साफ कहा कि पाकिस्तान अपने यहां मौजूद उन अड्डों को खत्म नहीं कर रहा जिनका इस्तेमाल अफगानिस्तान पर हमला करने वाले कर रहे हैं. अफगानिस्तान के रक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाल में कुंदुज पर तालिबान के कब्जे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के आरोपों को नकारते हुए काबुल और कुंदुज में हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी.
इनपुट: IANS