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हाफिज सईद के मन में अब 'सियासी लड्डू' फूटा, 'टेरर टैग' से मोहभंग!

हाफिज सईद अरबी भाषा और इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है, लेकिन बाद में उसने पाकिस्तान में आतंकी पैदा करने वाली मशीनरी की इंजीनियरिंग में महारत हासिल कर ली. अब वह आतंकी शब्द से पीछा छुड़ाकर राजनीति का चोला पहनाना चाहता है.

खूंखार आतंकी हाफिज सईद खूंखार आतंकी हाफिज सईद

पाकिस्तान की राजनीति में एंट्री करने के लिए बेताब हाफिज सईद को अपनी विश्वव्यापी पहचान से जुड़ चुके आतंकवादी शब्द से चिढ़ होने लगी है. हालांकि कुख्यात आतंकी हाफिज सईद के आतंकवाद की दुनिया जो बड़े-बड़े काले कारनामे किए हैं, वो उसकी इस पहचान को कभी मिटने नहीं देंगे. लिहाजा राजनीति में आने की उसकी ख्वाहिश हरगिज पूरी नहीं हो सकती.

पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए महज एक साल का ही वक्त बचा है. इससे पहले हाफिज सईद ने संयुक्त राष्ट्र में याचिका दाखिल कर वैश्विक आतंकी की सूची से अपना नाम हटाने की मांग की है. इसके लिए उसने पहली बार एक कानूनी फर्म को हायर किया है. उसका इरादा आतंकी शब्द से पीछा छुड़ाकर पाकिस्तान की राजनीति में आना है. हालांकि अगर पाकिस्तान ने हाफिज सईद को राजनीति में लाने की गलती की, तो दुनिया भर में उसको फजीहत झेलनी पड़ेगी.

हाफिज सईद अरबी भाषा और इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है, लेकिन बाद में उसने पाकिस्तान में आतंकी पैदा करने वाली मशीनरी की इंजीनियरिंग में महारत हासिल कर ली. यह बात बहुत ही कम लोगों को मालूम होगी कि हाफिज सईद ने अफगानिस्तान में आतंकवाद फैलाने के लिए साल 1985 में जमात-उद-दावा-वल इरशाद की स्थापना की थी.

इसके बाद साल 1990 में हाफिज सईद की आतंकी नजर अफगानिस्तान से हटकर कश्मीर पर टिक गई. उसने कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले सबसे बड़े पाकिस्तानी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को तैयार किया. 26 दिसंबर 2001 को अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था. भारत में संसद हमले से लेकर 26/11 मुंबई हमले तक को अंजाम देने में लश्कर का ही हाथ रहा है.

मुंबई में 26/11 के हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने साल 2008 में जमात-उद-दावा की शुरुआत की. हाफिज सईद और पाकिस्तान दोनों इसे चैरिटेबल ट्रस्ट बताते हैं, जबकि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने जमात-उद-दावा को बैन किया हुआ है. अमेरिका ने दुनिया में आंतकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों की जो लिस्ट बनाई है, उसमें हाफिज सईद को दूसरे स्थान पर रखा है.

इतना ही नहीं, अमेरिका ने हाफिज सईद के सिर पर एक करोड़ डॉलर का ईनाम भी घोषित किया हुआ है. 26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भारत की मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की लिस्ट में भी शामिल है. आतंकवाद से हाफिज सईद का नाता इतना गहरा और पुराना है कि उसकी करतूतों की लिस्ट सुनते-सुनते आप थक जाएंगे. अगर संक्षेप में कहें तो हाफिज सईद दुनिया में आतंकवाद का खिलाड़ी नंबर वन है और ये पहचान उससे कोई नहीं छीन सकता. वह लाख कोशिश करने बावजूद इस कुख्याति से बाहर नहीं आ सकता है.

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