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इस देश के राष्ट्रपति ने क्यों Omicron को बताया स्वागत योग्य वैरिएंट? WHO को भी देना पड़ा जवाब

ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा है कि ओमिक्रॉन एक वैक्सीन वायरस है. उन्होंने कहा है कि जो लोग दवा कंपनियों से नहीं जुड़े हैं वो इस वायरस का स्वागत कर रहे हैं. उनके इस बयान पर WHO की भी प्रतिक्रिया आई है. संगठन ने कहा है कि लोगों को मारने वाले किसी वायरस का स्वागत नहीं किया जा सकता.

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने कहा है कि ओमिक्रॉन स्वागत योग्य है (Photo- Reuters) ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने कहा है कि ओमिक्रॉन स्वागत योग्य है (Photo- Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जायर बोल्सोनारो ने ओमिक्रॉन का किया स्वागत
  • ओमिक्रॉन को बताया वैक्सीन वायरस
  • WHO ने लगाई लताड़

ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो कोरोना को लेकर अक्सर विवादित बयान देते रहते हैं. अब उन्होंने विश्वभर में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर एक आधारहीन बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को 'वैक्सीन वायरस' कहा जा सकता है और यह एक 'स्वागत' योग्य वैरिएंट है.

बोल्सोनारो ने कहा है कि जो विशेषज्ञ दवा कंपनियों से जुड़े नहीं हैं, वो कह रहे हैं कि ओमिक्रॉन स्वागत करने लायक है क्योंकि ये महामारी के अंत का संकेत दे सकता है.

बोल्सनारो ने बुधवार को गज़ेटा ब्राजिल (Gazeta Brasil) वेबसाइट के साथ एक इंटरव्यू में कहा, 'कुछ विशेषज्ञ और गंभीर लोग, और जो लोग दवा कंपनियों से जुड़े नहीं हैं, कहते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट तो स्वागत करने लायक वैरिएंट है और वास्तव में ये महामारी के अंत का संकेत दे सकता है.'

बोल्सनारो के बयान पर WHO ने की टिप्पणी

बोल्सनारो के बयान पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सख्त लहजे में कहा है कि लोगों को मारने वाले किसी वायरस का स्वागत नहीं किया जा सकता है. जिनेवा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान WHO के इमर्जेंसी डायरेक्टर माइक रयान ने कहा कि ओमिक्रॉन का संक्रमण कम गंभीर है, इसका मतलब ये नहीं है कि ये एक हल्की बीमारी है.

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कई लोग अस्पतालों में, आईसीयू में सांस लेने के लिए संघर्ष रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि ये कोई हल्की बीमारी नहीं है.

WHO अधिकारी ने कहा कि वैक्सीन से ही इसे रोका जा सकता है. माइक ने आगे कहा, 'ये समय नहीं है कि हम ये कहे कि इस वायरस का स्वागत है. ऐसा कोई वायरस जो लोगों को मारता हो, उसका स्वागत नहीं है.

कोरोना से ब्राजील में लाखों लोगों की मौत

पिछले दो वर्षों में कोरोनावायरस से ब्राजील में 6 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है. बावजूद इसके बोल्सोनारो महामारी को लेकर लापरवाह रहे हैं जिसे लेकर विश्व स्तर पर उनकी आलोचना हुई है. उन्होंने बार-बार कोरोना वायरस को 'मामूली फ्लू' करार दिया है.

बोल्सोनारो, जो इस साल फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, हमेशा से कोविड टीकों के खिलाफ रहे हैं. उन्होंने अपनी बेटी को भी कोविड का टीका नहीं लेने दिया. बोल्सोनारो ने कसम खाई थी कि उनकी बेटी कभी कोविड की वैक्सीन नहीं लेंगी.

बोल्सोनारो लॉकडाउन लगाने के खिलाफ

बोल्सोनारो लॉकडाउन के भी खिलाफ रहे हैं. उन्होंने वादा किया है कि लॉकडाउन के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी. ब्राजील में कोविड की स्थिति गंभीर बनी हुई है, बावजूद इसके बोल्सोनारो लॉकडाउन नहीं लगा रहे हैं.

ब्राजील में अब हर दिन 70 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं. दिसंबर में यह आंकड़ा 10 हजार का ही था. साल के अंत की छुट्टियों के बाद कोविड को मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. इससे ब्राजील के अस्पतालों में मरीजों की बाढ़ आ गई. कोविड टेस्ट में भी भारी उछाल देखा गया है.

बुधवार को, निजी प्रयोगशालाओं, अस्पतालों और फार्मेसी कंपनियों ने कहा कि केस इतने बढ़ रहे हैं कि वे कोविड के अलावा और सभी टेस्ट को सीमित संख्या में कर रहे हैं. वे अस्पताल में भर्ती गंभीर लक्षण वाले मरीजों, हेल्थ केयर वर्कर्स और जरूरी कामों में लगे लोगों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं.

हाल के दिनों में ब्राजील में अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन भर्ती हुए लोगों को ICU की जरूरत पहले से कम पड़ रही है. यह एक समान पैटर्न है जो अर्जेंटीना से दक्षिण अफ्रीका और डेनमार्क के देशों में देखा गया है. इससे कुछ देशों में कोविड महामारी को लेकर दृष्टिकोण में बदलाव हुआ है.  

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