अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि पेरिस में ऐतिहासिक जलवायु परिवर्तन समझौता विश्व के लिए ‘निर्णायक बिंदु’ है और यह इस ग्रह को बचाने के लिए मानवता के समक्ष ‘सर्वश्रेष्ठ अवसर’ प्रस्तुत करता है. वार्ताकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए ओबामा ने कहा कि यह समझौता दिखाता है कि जब देश एकसाथ खड़े हो जाते हैं तो क्या संभव हो सकता है.
ओबामा ने व्हाइट हाउस में कहा, ‘ कि हम अपने इस ग्रह को बचाएं. मेरा मानना है कि यह क्षण दुनिया के लिए निर्णायक बिंदु हो सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘इस जलवायु परिवर्तन समझौते के परिणाम स्वरूप हम इसके लिए और अधिक आवश्वस्त हो सकते हैं कि पृथ्वी बेहतर आकार में होगी.’ जलवायु परिवर्तन को लेकर करने वाले ओबामा ने पेरिस में प्रधानमंत्री और चीन के अपने समकक्ष शी चिनफिंग से मुलाकात की थी. इसी सप्ताह उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर करीब एक घंटे और चिनफिंग से करीब आधा घंटे फोन पर बात की.
ओबामा ने कहा, ‘आज यह महत्वपूर्ण है कि हम अधिक आश्वस्त हो सकते हैं कि यह ग्रह अगली पीढ़ी के लिए बेहतर आकार लेने जा रहा है. यह समझौता महत्वाकांक्षी है जिसमें हर देश ने अपने खुद के लक्ष्य तय किए हैं और प्रतिबद्धता जताई है.’
संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में दुनिया के लिए जरूरी एक मजबूत समझौता होने का उल्लेख करते हुए ओबामा ने कहा, ‘कोई गलती मत करिए, पेरिस समझौता विश्व के लिए एक बेहतरीन प्रारूप देता है जिसकी जलवायु संकट को दूर करने में जरूरत है.’ पेरिस समझौते को ‘अमेरिकी नेतृत्व के लिए सम्मान’ करार देते हुए उन्होंने यह भी कहा, ओबामा ने कहा, ‘जो लक्ष्य हमने तय किए हैं वो साहसिक हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी पीढ़ी स्वच्छ उर्जा वाली अर्थव्यवस्था के निर्माण के कुछ फायदे देखेगी. शायद हम अपनी इस उपलब्धि को पूरी तरह से हकीकत में तब्दील होता नहीं देख सके. फिर भी कोई बात नहीं.’ ओबामा ने कहा कि मजबूत का मतलब यह है कि हमारे बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित विश्व मिल सकेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘यह इस बात की शानदार मिसाल है कि अमेरिकी नेतृत्व क्या कर सकता है. हमने देखा है कि दुनिया के पास इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए इरादा और क्षमता दोनों है. यह आसान नहीं होगा. प्रगति हमेशा तेज नहीं होती. हम संतुष्ट नहीं हो सकते.’