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नॉर्थ कोरिया ने USA को फिर धमकाया, कहा- प्रशांत सागर के अड्डे तक मार सकते हैं मिसाइल

उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने इस मिसाइल परीक्षण में एक नए तरह के रॉकेट की कामयाब टेस्ट किया है. जानकार मानते हैं कि रॉकेट प्रशांत महासागर में अमेरिकी ठिकानों तक मार करने में सक्षम है.

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फाइल फोटो
फाइल फोटो

चीन और रूस सरीखे सहयोगियों के विरोध के बावजूद अमेरिका के खिलाफ उत्तर कोरिया के कड़े तेवर बरकरार हैं. अब प्योंगयोंग ने धमकी दी है कि वो प्रशांत महासागर में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता हासिल कर चुका है. उत्तर कोरियाई सरकार ने ये दावा 14 मई को ताजा मिसाइल परीक्षण के बाद किया है.

क्या रणनीतिक संतुलन बदल सकती है ये नई मिसाइल?
उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने इस मिसाइल परीक्षण में एक नए तरह के रॉकेट की कामयाब टेस्ट किया है. जानकार मानते हैं कि रॉकेट प्रशांत महासागर में अमेरिकी ठिकानों तक मार करने में सक्षम है. उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए के मुताबिक 14 मई को जिस मिसाइल का परीक्षण किया गया, वो दरअसल मध्यम से लंबी दूर तक मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल ह्वासोंग-12 है. विशेषज्ञों की मानें तो मिसाइल 4,500 किलोमीटर दूर तक दुश्मन ठिकानों को नेस्तनाबूद कर सकती है. अमेरिका के मिड्लबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के जेफरी लेविस के मुताबिक ये उत्तर कोरिया की ओर से प्रक्षेपित सबसे लंबी रेंज वाली मिसाइल है

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क्या है उत्तर कोरियाई संकट का समाधान?
दिलचस्प बात ये है कि उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण से महज एक दिन पहले ही अमेरिका के साथ बातचीत के संकेत दिये थे. अमेरिका और सहयोगी देशों के दबाव के बावजूद उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन अपने हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए तैयार नहीं हैं. संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियां भी इस दिशा में नाकाम रही हैं. उत्तर कोरिया का कहना है कि वो आत्मरक्षा के लिए मिसाइलें और परमाणु हथियार जमा कर रहा है. लेकिन समझा जाता है कि उसका असल मकसद अमेरिका तक परमाणु हथियार पहुंचाने की क्षमता हासिल करना है. राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ा है.

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