मंगल ग्रह पर भविष्य में बस्तियां बसाने की कल्पना अब सिर्फ कहानियों तक सिमट कर नहीं रहेगी, क्योंकि मंगल ग्रह की सतह पर पानी तरल अवस्था में देखा गया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोमवार को यह जानकारी दी है.
नासा के खगोलीय विज्ञान विभाग के निदेशक जिम ग्रीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'मंगल एक सूखा और बंजर ग्रह नहीं है जैसा कि पहले सोचा जाता था. कुछ निश्चित परिस्थितियों में पानी तरल अवस्था में पर पाया गया है.' वैज्ञानिक लंबे समय से यह मानते आ रहे थे कि कभी पूरे लाल ग्रह पर पानी भरपूर मात्रा में बहता था.
Tweetchat: Water on Mars! Question about our new discovery? Use now
— NASA (@NASA)
ग्रीन ने बताया कि तीन अरब साल पहले जलवायु में आए बड़े बदलावों के कारण मंगल का सारा रूप बदल गया. ग्रीन ने कहा, 'आज हम इस ग्रह के बारे में अपनी समझ को क्रांतिकारी आकार दे रहे हैं. हमारे कि वहां हवा में कहीं अधिक आद्रता है.' इस ग्रह की सतह की खोज में जुटे रोवर्स ने यह भी पाया है कि इसकी मिट्टी पहले लगाए गए अनुमानों से कहीं अधिक नम है.Water! Strong evidence that liquid water flows on present-day Mars. Details:
— NASA (@NASA)
ढलानों पर गहरे रंग की रेखाएं-इनपुट भाषा से