आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी कट्टर विचारधारा के प्रचार के लिए किया. चाहे यूट्यूब पर हिंसा का वीडियो अपलोड करना हो या फिर ट्विटर पर हैशटेग के जरिए अमेरिका को धमकाना. यह संगठन बहुत हद तक अपने इस कैंपेन में सफल रहा.
अब दुनियाभर के मुस्लिमों ने ISIS की इस नफरत भरी सोच को मुंहतोड़ जवाब देने की ठान ली है. इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया को ही अपना हथियार बनाया है.
ट्विटर पर #NotInMyName के जरिए दुनिया को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि ISIS इस्लाम धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता. इस कैंपेन की शुरुआत लंदन के संगठन एक्टिव चेंज फाउंडेशन ने 10 सितंबर को की थी. इस फाउंडेशन के मुखिया हनिफ कादिर कहते हैं, 'निर्दोष लोगों की हत्या को किसी भी धर्म में सही नहीं ठहराया जाता. ISIS के आतंकी असली मुसलमान नहीं हैं. वे इस्लाम के शांति, दया और करुणा के संदेश को नहीं मानते. वे मानवता के दुश्मन हैं.'
सोशल मीडिया पर इस कैंपेन को काफी समर्थन मिल रहा है. लोग लगातार इस हैशटेग पर ट्वीट कर रहे हैं. कैंपेन से जुड़े कुछ ट्वीट...
Another disgusting threat from the un-Islamic State . We all call for Alan Henning's prompt release.
— Sayed Umaar (@UmaarKazmi)
Brutal murderers like ISIS and BH are not Muslims. As a Muslim, whatever they do is . May Allah destroy them and their sponsors!
— Nasir El-Rufai (@elrufai)
Islam is not a religion of violence, I will not let these terrorists tarnish my religion!
— Ayaz Taj (@ayaztaj1)
British Muslims send a clear message to sectarian murderers --
— Murtaza Ali Shah (@MurtazaGeoNews)
इस कैंपेन से जुड़ा वीडियो...