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हिंदुओं की पूजा का सामान बेचता है यह मुसलमान

आज के समय में जब धार्मिक असिहष्णुता चरम पर है, कुछ ऐसे भी इंसान हैं जो मजहब को दीवार नहीं बनने देते. जी हां, हम आपको ऐसे ही एक शख्‍स के बारे में बता रहे हैं. यह शख्स ईरानी हैं और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी दुबई में हिन्दुओं के लिए पूजा सामग्री बेचते हैं.

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अब्दुल्ला हुसैन खोरी
अब्दुल्ला हुसैन खोरी

आज के समय में जब धार्मिक असिहष्णुता चरम पर है, कुछ ऐसे भी इंसान हैं जो मजहब को दीवार नहीं बनने देते. जी हां, हम आपको ऐसे ही एक शख्‍स के बारे में बता रहे हैं. यह शख्स ईरानी हैं और संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी दुबई में हिन्दुओं के लिए पूजा सामग्री बेचते हैं.

यूएई के अखबार 'गल्फ न्यूज' ने खबर दी है कि दुबई में Bur Dubai Creek पर मंदिर के बाहर पूजा सामग्री और फल बेचने वाली एक दुकान है. यह दुकान चार दशक पहले ईरान के खुर से आए अब्दुल्ला हुसैन खोरी ने शुरू की थी. उस समय यूएई अस्तित्‍व में भी नहीं आया था. 1997 में अब्‍दुल्‍ला हुसैन के निधन के बाद इस दुकान का काम संभाला हसन खोरी ने, जो उनके पोते हैं.

हसन खोरी के परिवार को लोगों को अपनी इस दुकान पर फक्र है. वे कहते हैं कि यह एक परंपरा है जिसे हम आगे बढ़ा रहे हैं. इस दुकान में सब मिलता है, यहां तक कि तुलसी और सिंदूर भी. यहां पर आपको असली रूद्राक्ष के माले मिल जाएंगे. खोरी परिवार बड़ी इज्जत के साथ यहां पूजा सामग्री को रखते हैं.

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खोरी और उनके परिवार के लोग फारसी और अरबी के अलावा हिन्दी भी जानते हैं. अगर आप धर्म के किसी मामले में उलझ गए तो खोरी आपकी शंका दूर कर देंगे. वे आपको यह भी बताएंगे कि सोमवार को शिव जी को दूध चढ़ाना है, मंगल को बजरंग बली को तेल, बुधवार को गणेश को मोदक, गुरूवार को साईं बाबा को पीला पदार्थ चढ़ाइए और शनिवार को शनि महाराज को काली सामग्री चढ़ाइए.

हसन के दामाद अली भी इसी दुकान में बैठते हैं और वे हिन्दू भक्तों को गाइड करते रहते हैं. खोरी अपने मजहब को नहीं छुपाते. उनकी दुकान के बाहर लिखा है- अल्लाह सबसे बड़ा दाता है, अल्लाह दयालु है. हसन कहते हैं, अल्लाह हम पर मेहरबान है. मंगलवार और शनिवार हमारे लिए अच्छे दिन होते हैं. उन दिनों हम हर दिन 2,500 दिरहम (लगभग 42,000 रुपए) तक कमा लेते हैं.

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