एक सिक्योरिटी गार्ड से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को कुछ लोग कार में बैठकर आए और उन्होंने बाल्टी में रखा सफेद पेंट गांधी की प्रतिमा पर उड़ेल दिया. गार्ड के मुताबिक इस दौरान वे नारे लगा रहे थे- 'नस्लभेदी गांधी को गिरना ही चाहिए'
जोहिनसबर्ग में गांधी की यह प्रतिमा शहर के बीचो-बीच गांधी स्क्वायर पर स्थित है. गांधी जब जोहानिसबर्ग में थे तो उन्होंने वहां लॉ की प्रैक्टिस की थी. इसी कारण इस जगह का नामकरण गांधी जी के नाम पर किया गया है.
सिक्यॉरिटी गार्ड के मुताबिक युवकों ने अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) की टोपी पहनी हुई थी. वे कह रहे थे कि उन्हें न रोका जाए क्योंकि गांधी एक नस्लभेदी इंसान थे. हालांकि एएनसी के प्रवक्ता ने इस घटना की निंदा की है और कहा कि उनके कार्यकर्ता इस घटना में शामिल नहीं थे. महात्मा गांधी 1893 में साउथ अफ्रीका गए थे. वह 1903-1914 तक जोहानिसबर्ग में रुके थे.