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समलैंगिकों के लिए इंद्रधनुषी झंडा बनाने वाले बेकर का निधन

समलैंगिक सम्मान के प्रतीक के रूप में जाने जाने वाले इंद्रधनुषी झंडा डिजाइन करने वाले अमेरिकी कलाकार गिल्बर्ट बेकर का निधन हो गया है.

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समलैंगिकों का लिए इंद्रधनुषी झंडा समलैंगिकों का लिए इंद्रधनुषी झंडा

विश्व भर में समलैंगिक सम्मान के प्रतीक के रूप में जाने जाने वाले इंद्रधनुषी झंडा डिजाइन करने वाले अमेरिकी कलाकार गिल्बर्ट बेकर का निधन हो गया है. वे 65 साल के थे. यह जानकारी उनके करीबी दोस्त और मानवाधिकार कार्यकर्ता क्लीव जोन्स ने दी है.

बेकर 1978 में सैन फ्रांस्सिको के समलैंगिक स्वतंत्रता दिवस पर आठ रंगों के इंडे के साथ सामने आए थे. 1978 के इस दिन के आधार पर आधुनिक समलैंगिक दिवस मनाया जाता है. वह सैन फ्रांस्सिको एलजीबीटी अधिकार आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे और हार्वे मिल्क के करीबी दोस्त थे.

मिल्क की हत्या कर दी गयी थी. जोन्स ने फेसबुक पर लिखा है, मेरा दिल टूट गया. दुनिया में मेरा सबसे प्यारा दोस्त नहीं रहा. गिल्बर्ट ने दुनिया को इंद्रधनुषी झंडा दिया. उनसे मुझे 40 साल तक प्रेम और दोस्ती मिला. उन्होंने लिखा है, मैं खुद को रोने से नहीं रोक पा रहा हूं. मैं तुम्हें हमेशा प्यार करता रहूंगा गिल्बर्ट बेकर.

जानें, भारत में समलैंगिक संबंध है गैर कानूनी
दुनिया के कई देशों में समलैंगिकों को कानूनी मान्यता दे दी गई है. लेकिन भारत में यह अब भी अपराध की श्रेणी में आता है. आईपीसी की धारा 377 के तहत इसे अपराध माना गया है. यह धारा अप्राकृतिक यौन संबंध को गैरकानूनी ठहराता है. 1862 में यह कानून लागू हुआ. इसके तहत स्त्री या पुरुष के साथ अप्राकृतिक यौन संबध बनाने पर 10 साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है. सहमति से दो पुरुषों, महिलाओं और समलैंगिकों के बीच सेक्सर भी इसके दायरे में आता है. इतना ही नहीं, यह एक संज्ञेय अपराध है. यानी इसमें गिरफ्तारी के लिए वॉरंट की जरूरत नहीं होती. सिर्फ शक के आधार पर या गुप्त सूचना का हवाला देकर पुलिस इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है.

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