व्हाइट हाउस ने यूक्रेन, इजरायल और अमेरिकी सीमा सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए 106 अरब डॉलर के फंड की मांग की है. हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से अभी इस धनराशि को खर्च करने का कोई मास्टरप्लान नहीं दिया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हमास के हमले के बाद इजरायल के प्रति एकजुटता दिखाते हुए तेल अवीव का दौरा किया था. उनके इजरायल दौरे के कुछ दिन बाद ही व्हाइट हाउस ने अमेरिकी संसद से यह आग्रह किया है.
बाइडेन को पूरी उम्मीद है कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक ऐसा बिल तैयार किया है जिसे संसद से मंजूरी मिल सकती है. कहा जा रहा है कि अमेरिकी सरकार ने इजरायल के समर्थन, सीमा सुरक्षा, शरणार्थियों की सहायता और चीन से निपटने को ध्यान में रखते हुए संसद के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है.
बता दें कि पिछले साल रिपब्लिकन पार्टी को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिला था लेकिन बीते लगभग दो हफ्ते से प्रतिनिधि सभा का कोई नेता नहीं है. कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने रूस के खिलाफ यूक्रेन के युद्ध में उसे आर्थिक मदद पहुंचाने को लेकर संदेह जताया है.
कहां-कहां खर्च होगी यह धनराशि?
बाइडेन की बजट डायरेक्टर शैलेंडा यंग ने प्रतिनिधि सभा की कार्यवाहक स्पीकर पैट्रिक मैकहेनरी को लिखी चिट्ठी में कहा कि पूरी दुनिया हमें देख रही है और अमेरिकी लोगों को उम्मीद है कि उनके नेता एकजुट होकर प्राथमिकताओं पर काम करें.
यंग ने कहा कि व्हाइट हाउस की भूमिका देश की जरूरतों और हितों का खाका तैयार करना है ना कि स्पीकर पद की लड़ाई में हस्तक्षेप में दखल करना. 2024 वित्त वर्ष की फंडिंग में से लगभग 14.3 अरब डॉलर इजरायल के लिए होंगे. इजरायल की वायु सेना को मजबूत करने और हथियार खरीदने के लिए इस राशि का इस्तेमाल किया जाए. बता दें कि सात अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजरायल ने हमास के खात्मे की प्रतिबद्धता जताई है.
बाइडेन ने इजरायल और गाजा सहित मानवीय सहायता के लिए नौ अरब डॉलर से अधिक की धनराशि की भी मांग की है. इसके साथ ही अमेरिकी सीमा सुरक्षा के लिए 13.6 अरब डॉलर का प्रस्ताव रखा है ताकि दक्षिणी सीमाओं से देश में दाखिल हो रहे लगाम लगाई जा सके.