इजरायली सेना ने रविवार की सुबह जानकारी दी है कि, लेबनान से इज़राइल की तरफ 100 से अधिक रॉकेट दागे गए. इनमें से कुछ रॉकेट उत्तरी शहर हाइफ़ा के पास गिरे, जिससे क्षेत्र में नुकसान हुआ. इज़राइल की ओर से पहली प्रतिक्रिया में कहा गया है कि, 'इन हमलों में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं, जबकि कई इमारतों को क्षति पहुंची और कुछ गाड़ियों में आग लग गई.' यह हमला इज़राइल के बेरूत में किए गए हवाई हमले के बाद हुआ, जिसमें कम से कम 37 लोग मारे गए, जिनमें महिलाओं, बच्चों और लेबनानी मिलिशिया के एक वरिष्ठ नेता की मौत भी शामिल है. इस हमले से पहले मिलिशिया पर एक हमला हुआ था, जिसमें हज़ारों विस्फोटक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था.
इज़राइल-हिज़्बुल्लाह के बीच जारी है जंग
गाजा में युद्ध के आरंभ से ही इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार रॉकेट और हवाई हमले हो रहे हैं. पिछले साल गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से, हिज़्बुल्लाह ने फिलिस्तीन और हमास के समर्थन में इज़राइल पर कई रॉकेट दागे हैं. हाल के हफ्तों में स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे व्यापक युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है.
अल जज़ीरा का वेस्ट बैंक कार्यालय बंद
रविवार को इज़राइली सैनिकों ने कतर स्थित अल जज़ीरा के वेस्ट बैंक स्थित कार्यालय पर छापा मारा और इसे 45 दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया. यह छापा लाइव टेलिकास्ट के दौरान हुआ, जब नकाबपोश और हथियारों से लैस इज़राइली सैनिकों ने कार्यालय में प्रवेश किया. अल जजीरा के वेस्ट बैंक ब्यूरो प्रमुख वलीद अल-ओमारी ने लाइव टेलिकास्ट में इज़राइली सैनिकों द्वारा दिए गए आदेश को पढ़कर सुनाया, जिसमें कहा गया था, “अल जज़ीरा को 45 दिनों के लिए बंद करने का अदालत का आदेश है.” इसके बाद सैनिकों ने स्टाफ से कैमरे हटाने और कार्यालय खाली करने का निर्देश दिया.
छापेमारी के दौरान इज़राइली सैनिकों ने दस्तावेज़ और उपकरण जब्त करने शुरू कर दिए. इसके साथ ही, कार्यालय के आस-पास आंसू गैस के गोले दागने और गोलियों की आवाज़ सुनी गई.
इज़राइल-अल जज़ीरा के बीच लंबे समय से तनाव
इज़राइल और अल जज़ीरा के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन गाजा में युद्ध की कवरेज के बाद ये संबंध और बिगड़ गए. इज़राइल ने बार-बार अल जज़ीरा पर आतंकवादियों के लिए मुखपत्र बनने का आरोप लगाया है, जिसे नेटवर्क ने नकार दिया है. फिलिस्तीनी पत्रकार संघ ने इस छापे की निंदा की और इसे मीडिया की आजादी के खिलाफ एक और हमला बताया. संघ ने कहा कि यह कदम पत्रकारिता के लिए खतरा है और इसका उद्देश्य सच को दबाना और इज़राइल के कब्जे के दौरान किए गए अपराधों को उजागर होने से रोकना है.
अल जज़ीरा के एक कर्मचारी ने कहा कि वे लंबे समय से यह सुनते आ रहे थे कि इज़राइल सरकार अल जज़ीरा को बंद करने की धमकी दे रही है, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ऐसा अचानक होगा.
इज़राइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के चलते स्थिति गंभीर हो चुकी है. हिज़्बुल्लाह के समर्थन में लेबनान से दागे गए रॉकेट और इज़राइल की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्र में संघर्ष की आशंका बढ़ गई है. इसी बीच, इज़राइल का अल जज़ीरा के कार्यालय पर छापा मारना मीडिया की स्वतंत्रता पर एक और हमला बताया जा रहा है, जिससे पत्रकारिता और मीडिया के अधिकारों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.