ईरान के इस्लामिक गणराज्य के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भाग सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद खबर आ रही है कि उन्होंने अपना एक 'एस्केप प्लान' बनाया है. इस प्लान के तहत देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन अगर और तेज होते हैं तो वे रूस भाग सकते हैं. ब्रिटिश अखबार द टाइम्स ने रविवार को यह दावा किया है.
ब्रिटिश रिपोर्ट में खामेनेई के इस प्लान को 'प्लान बी' बताया गया है. इसके तहत 86 साल के खामेनेई के साथ उनके परिवार और सहयोगियों सहित करीब 20 करीबी लोगों को सुरक्षित बाहर ले जाने की व्यवस्था की गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्लान में खामेनेई की विशाल संपत्ति नेटवर्क को भी बाहर ले जाने का रास्ता शामिल है.
द टाइम्स ने 2013 की समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस संपत्ति की कुल कीमत करीब 95 अरब डॉलर आंकी गई थी. इसमें ‘सेताद’ संगठन भी शामिल है, जिसे ईरान के सबसे शक्तिशाली संगठनों में गिना जाता है, साथ ही अयातुल्ला से जुड़ी अर्ध-राज्य संचालित चैरिटेबल फाउंडेशनों का एक सिस्टम भी है, जिन पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं.
ब्रिटिश अखबार ने खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा कि 'प्लान बी' अयातुल्ला खामेनेई और उनके बेहद करीबी सहयोगियों व परिवार के लिए तैयार किया गया है. इसमें उनके बेटे और नॉमिनेटेड उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी बेनी साबती के अनुसार, खामेनेई रूस के लिए रवाना होंगे, क्योंकि 'उनके पास भागने के लिए और कोई जगह नहीं है.'
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि खामेनेई पहले भी यह भरोसा जता चुके हैं कि वो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 'सराहना करते हैं' और उनका मानना है कि ईरानी संस्कृति, रूसी संस्कृति से अधिक मिलती-जुलती है.
खामेनेई का यह कथित प्लान सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद के भागने के तरीके से मिलती-जुलती मानी जा रही है. यह वही मॉडल है जिसे असद ने नवंबर 2024 में अपनाया था, जब सरकार गिरने के बाद वो सीरिया से भागकर मॉस्को पहुंच गए थे.