ईरान इस समय सिर्फ़ अपनी सीमाओं और न्यूक्लियर फैसिलिटीज़ की सुरक्षा को लेकर ही दबाव में नहीं है, बल्कि देश के भीतर कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चुनौती बनती जा रही है. हाल के दिनों में हुए बड़े प्रदर्शनों ने कई जगह हिंसक रूप ले लिया, जिसमें आगजनी, तोड़फोड़ और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं. आजतक की टीम मौके पर पहुंची और ताजा हालात का जायजा लिया है.
तेहरान की सबसे बड़ी और व्यस्त बाजारों में शामिल तज़रीश मार्केट भी प्रदर्शनों की चपेट में आया. कई दुकानों के शटर टूटे मिले, कुछ हिस्सों में आगजनी के निशान दिखाई दिए.
इमामज़ादा सालेह मज़ार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों ने इमामज़ादा सालेह मज़ार के आसपास भी तोड़फोड़ की कोशिश की. यह वही मज़ार है जहां ईरान के एक प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक को दफनाया गया है. हालांकि मुख्य संरचना को बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन परिसर के कुछ हिस्सों में क्षति के निशान देखे गए. इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
काज स्क्वायर की मस्जिद अल-रसूल में सबसे ज्यादा आगजनी
काज स्क्वायर स्थित मस्जिद अल-रसूल और उसके आसपास का इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित रहा. यहां आगजनी की कई घटनाएं हुईं और पास के एक बैंक को भी जला दिया गया. फिलहाल कुछ हिस्सों की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन दीवारों और दुकानों पर जलने के निशान अब भी दिखाई दे रहे हैं.
सरकार के सामने आंतरिक सुरक्षा की चुनौती
अब तक ईरान की सुरक्षा रणनीति का फोकस बाहरी खतरे और न्यूक्लियर ठिकानों की सुरक्षा पर रहा है, लेकिन इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि सरकार को अंदरूनी सुरक्षा पर भी बराबर ध्यान देना होगा. धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है.
सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. हालांकि हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं.