की कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात के दौरान हार्पर ने उन्हें खजुराहो मंदिर की मूर्ति के 900 साल पुराने एक हिस्से को भेंट किया जो किसी वजह से कनाडा पहुंच गया था. वर्ष 1970 के यूनेस्को घोषणापत्र के अनुपालन में, हार्पर ने पैरट लेडी के तौर पर चर्चित यह शिल्प मोदी को बुधवार को भेंट किया.
हार्पर से बातचीत करने के बाद मोदी ने कनाडा की संसद के पुस्तकालय का दौरा किया जहां हार्पर ने उन्हें यह शिल्प सौंपा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट किया-
. Sculpture dates back to 12th century. Being returned in accordance with 1970 UNESCO Convention.
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
इसे अपने अधिकार में रखने वाले व्यक्ति के पास उचित दस्तावेज नहीं मिलने पर इसे जब्त कर लिया गया था. इसके बाद कनाडाई अधिकारियों ने अपने भारतीय समकक्षों से संपर्क कर इसे वापस लौटाने के बारे में विचारविमर्श शुरू कर दिया था.