भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित होने जा रहे 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' में रूस का एक बड़ा और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा. इस रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वरिष्ठ सहयोगी और क्रेमलिन स्टाफ के डिप्टी चीफ मैक्सिम ओरेश्किन करेंगे. यह समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा.
AI इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत द्वारा आयोजित एक हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल समिट माना जा रहा है, जिसमें दुनियाभर के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, टेक्नोलॉजी लीडर्स और इनोवेटर्स भाग लेंगे. समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े अवसरों, चुनौतियों, गवर्नेंस और वैश्विक सहयोग पर गहन चर्चा करना है. क्रेमलिन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मैक्सिम ओरेश्किन के नेतृत्व में आने वाला रूसी प्रतिनिधिमंडल ‘सुरक्षित, भरोसेमंद और संप्रभु AI’ पर खास जोर देगा.
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प्रतिनिधिमंडल BRICS सहित अन्य बहुपक्षीय मंचों पर AI गवर्नेंस, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भारत के साथ विचार-विमर्श करेगा. यह कदम भारत और रूस के बीच उभरते तकनीकी सहयोग को और गहराई देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले 9 फरवरी को BRICS टीवी नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि भारत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सुरक्षा को अहम मानता है और रूस इस दृष्टिकोण का पूरा समर्थन करता है.
उन्होंने यह भी कहा कि AI के इस्तेमाल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानदंड अभी विकास के चरण में हैं, खासकर सैन्य और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में. वहीं रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS में प्रकाशित एक लेख में रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा कि AI के क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग दोनों देशों के लिए साझा विकास और तकनीकी प्रगति का मजबूत आधार बनेगा. उन्होंने इसे भारत और रूस के रणनीतिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया.