प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अमेरिका के ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस समारोह में भाग लेने के लिए शुक्रिया अदा किया. प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन में अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी जिक्र किया.
प्रधानमंत्री ने कहा, 'देश के सामने 70 साल से एक और बड़ा चैलेंज था, जिसे कुछ दिन पहले भारत ने फेयरवेल दे दिया है. आर्टिकल 370 ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को विकास और समान अधिकारों से वंचित रखा था. इस स्थिति का लाभ आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने वाली ताकतें उठा रही थीं. अब भारत के संविधान ने जो अधिकार बाकी भारतीयों को दिए हैं, वहीं अधिकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मिल गए हैं. वहां की महिलाओं-बच्चों-दलितों के साथ हो रहा भेदभाव खत्म हो गया है.'
PM Narendra Modi: Article 370 had deprived people of Jammu and Kashmir and Ladakh of development. Terrorist and separatist elements were misusing the situation. Now after abrogation, people there have got equal rights.
— ANI (@ANI)
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तेज विकास का प्रयास कर रहे किसी भी देश में अपने नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम्स आवश्यक होती हैं. जरूरतमंद नागरिकों के लिए वेलफेयर स्कीम चलाने के साथ-साथ नए भारत के निर्माण के लिए कुछ चीजों को फेयरवेल भी दिया जा रहा है. इस 2 अक्टूबर को जब देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगा, तो भारत खुले में शौच को फेयरवेल दे देगा. भारत बीते 5 साल में 1500 से ज्यादा बहुत पुराने कानूनों को फेयरवेल दे चुका है.
इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का नाम 'हाउडी मोदी' है लेकिन मोदी अकेले कुछ नहीं है. मैं 130 करोड़ भारतीय के आदेश पर काम करने वाला एक साधारण व्यक्ति हूं. इसलिए जब आपने पूछा कि 'हाउडी मोदी', तो मेरा मन कहता है कि इसका जवाब यही है, भारत में सब अच्छा है.
उन्होंने कहा, "आप लोगों में कई ऐसे हैं, जिन्होंने 2019 के चुनाव में अपना सक्रिय योगदान दिया है. इस चुनाव ने भारतीय लोकतंत्र का परचम पूरी दुनिया में लहरा दिया. इस चुनाव में अमेरिका के कुल आबादी के लगभग दोगुने लोगों ने मतदान किया. इस बार सबसे ज्यादा संख्या में महिलाएं चुन कर आई हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा, मैं ह्यूस्टन प्रशासन की भी तारीफ करता हूं कि इतने कम समय में इतनी बड़ी तैयारी की और यह काम संभाला. एनआरजी (स्टेडियम का नाम) की एनर्जी भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सिनर्जी की गवाह है. इस आयोजन को #HowdyModi कहा जा रहा है लेकिन मैं कोई नहीं हूं, मैं 130 करोड़ भारतीयों के निर्देश पर काम करने वाला एक आम आदमी हूं.