scorecardresearch
 

एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग चुनी गईं टाइम की ‘पर्सन ऑफ द ईयर’

बुधवार देर शाम को टाइम मैग्ज़ीन ने ग्रेटा थनबर्ग को 2019 का पर्सन ऑफ द ईयर घोषित किया. साल के आखिरी महीने में जारी टाइम मैगजीन के कवर पर ग्रेटा की तस्वीर प्रकाशित हुई है.

एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग

  • टाइम ने पर्सन ऑफ द ईयर का किया ऐलान
  • क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग का चयन
  • जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर किया था प्रदर्शन

क्लाइमेट चेंज के मुद्दे पर अपनी बुलंद आवाज़ से दुनिया को हिला देने वाली 16 वर्षीय स्वीडिश एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को बड़ा सम्मान मिला है. बुधवार देर शाम को टाइम मैग्ज़ीन ने ग्रेटा थनबर्ग को 2019 का पर्सन ऑफ द ईयर घोषित किया. साल के आखिरी महीने में जारी टाइम मैग्जीन के कवर पर ग्रेटा की तस्वीर लगाई गई है.

टाइम के द्वारा ये सम्मान दिए जाने के बाद ग्रेटा थनबर्ग ने कहा, ‘हम सिर्फ ये नहीं कह कर जी सकते हैं कि कोई कल नहीं है, क्योंकि कल है. हम यही कह रहे हैं’. बता दें कि दुनियाभर में बीते साल जलवायु परिवर्तन के मुद्दे प्रदर्शन हुआ, इस बीच ग्रेटा थनबर्ग ने लगातार इस मसले को उठाया.

फिर चाहे सड़कों पर उतर प्रदर्शन करना हो या फिर संयुक्त राष्ट्र में चुनिंदा देशों के खिलाफ दिया गया भाषण हो, उनकी आवाज़ को हर किसी ने सुना.

जब वायरल हो गया था ग्रेटा का भाषण

सितंबर में ग्रेटा थनबर्ग के द्वारा UN में दिए गए भाषण की काफी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने दुनिया के नेताओं को चेताते हुए पूछा था ‘How Dare You?’. ग्रेटा ने कहा था कि दुनिया के बड़े देश कार्बन उत्सर्जन को रोक नहीं रहे हैं, जिसके कारण ये मसला हो रहा है.

ग्रेटा थनबर्ग 2015 में सबसे पहले चर्चा में आई थीं. अगस्त 2018 में 15 साल की उम्र में ग्रेटा ने स्वीडिश संसद के बाहर प्रदर्शन करने के लिए स्कूल से छुट्टी ले ली थी. उनके हाथ में बोर्ड पर लिखा था 'stronger climate action' यानी मजबूत जलवायु एक्शन. जैसे ही और बच्चों को इस बारे में मालूम चला तो वे भी ग्रेटा के साथ जुड़ गए.

ग्रेटा थनबर्ग की कई बार दुनिया के बड़े नेताओं से बहस भी हो चुकी है. उनके भाषण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी तंज कसा था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें