गाजा के दक्षिणी इलाके राफा में अमेरिका की ओर से फंडेड एक राहत वितरण केंद्र के पास इजरायली सेना की गोलीबारी में कम से कम 30 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई और 115 से अधिक लोग घायल हो गए. यह घटना सुबह उस समय हुई जब हजारों फिलिस्तीनी नागरिक राहत सामग्री लेने के लिए वहां इकट्ठा हुए थे.
एक स्थानीय पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि इजरायली टैंकों ने भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी. घायलों और मृतकों को गधे की गाड़ियों पर अस्पताल पहुंचाया गया, जो इस क्षेत्र में गंभीर मानवीय संकट को दर्शाता है.
हमास ने बताया 'इजरायल का नरसंहार'
घायलों को राफा के पास स्थित नासिर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए, हमास ने आरोप लगाया कि राफा में इजरायली सेना ने 'भूखे नागरिकों पर नया नरसंहार किया'. यह घातक हमला ऐसे समय हुआ जब हमास ने अमेरिका समर्थित युद्धविराम प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.
स्थायी युद्धविराम की मांग कर रहा हमास
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस जवाब को 'सकारात्मक और जिम्मेदार' बताया, लेकिन अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने इसे 'पूरी तरह अस्वीकार्य' कहकर खारिज कर दिया. हमास ने जोर दिया कि स्थायी युद्धविराम आवश्यक है- जो लंबे समय से इजरायल के लिए आपत्ति का विषय रहा है.
'अगर हमास ने बंधकों को रिहा नहीं किया तो...'
एएफपी न्यूज एजेंसी के अनुसार, हमास के एक राजनीतिक सूत्र ने बताया कि उन्होंने यह भी मांग की कि इजरायल पूरी तरह से गाजा से पीछे हटे. इससे पहले इजरायल ने चेतावनी दी थी कि अगर हमास ने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और बंधकों को रिहा नहीं किया, तो उसे 'पूरी तरह बर्बाद' कर दिया जाएगा.