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पाकिस्तान में भूकंप से मरने वालों की संख्या 217 हुई

पाकिस्तान में मंगलवार को आए भूकंप की भयावह तस्वीरें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं. बलूचिस्तान इलाके में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 217 तक पहुंच गई है. अफसोस की बात ये है कि इनमें से ज्यादातर लोग अपने घरों में दबकर मारे गए.

बलूचिस्तान रहा भूकंप का केंद्र बलूचिस्तान रहा भूकंप का केंद्र

पाकिस्तान में मंगलवार को आए भूकंप की भयावह तस्वीरें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं. बलूचिस्तान इलाके में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 217 तक पहुंच गई है. अफसोस की बात ये है कि इनमें से ज्यादातर लोग अपने घरों में दबकर मारे गए.

प्रशासन के मुताबिक मलबा हटाने का काम जारी है. पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में आए भूकंप से पूरा पाकिस्तान थर्रा गया. खासकर बलूचिस्तान के अवारान जिले में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है.

पाकिस्तान में भूकंप ने मचाई भारी तबाही...

मंगलवार शाम को आए भूकंप का केंद्र यही इलाका था. करीब 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप से हजारों किलोमीटर दूर की धरती कांप उठी. वैसे तो भूकंप से बचने की कोशिश सभी कर रहे थे, लेकिन मिट्टी से बने घर ढहने लगे तो कई लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. भूकंप से मौत का शिकार बनने वालों में मासूम ही ज्यादा हैं.

बड़ी तादाद में लोग जख्मी है. तटीय शहर कराची में भी भूकंप की वजह से अफरा-तफरी मच गई. बदहवास लोग सड़कों पर भाग रहे थे. लोग बहुत देर तक घरों और दफ्तरों के बाहर खड़े रहे.

कराची में अब तक ज्यादा नुकसान की खबर नही हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावानी दी है कि अगले कुछ दिनों में भूकंप के और झटके महसूस किए जा सकते हैं. दरअसल बलूचिस्तान और उसके आस-पास का इलाका भूकंप के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है.

लेकिन तबाही ज्यादातर गांव वाले इलाकों में होती है. फिलहाल प्रशासन ने दो प्रभावित जिलों में आपात का अलर्ट कर दिया है. मलबे से शवों को निकालने का काम भी जारी है.

दिल्ली-NCR में महसूस किए गए झटके
पाकिस्तान में मंगलवार को आए भयानक भूकंप के बाद दिल्ली और एनसीआर के भी कुछ इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारतीय भूकंप विभाग के अनुसार इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर सात थी और इसका केंद्र पाकिस्तान में था. भारतीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया. इसका केंद्र पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची से करीब 120-150 किलोमीटर उत्तर में था.

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