scorecardresearch
 

भारत-चीन की तरह अमेरिका भी ‘विकासशील’ देश, WTO कर रहा भेदभाव: डोनाल्ड ट्रंप

दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनका देश में एक विकासशील है. भारत और चीन को दुनिया विकासशील देश मानती है तो अमेरिका के साथ भी ऐसा ही बर्ताव होना चाहिए.

Advertisement
X
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो: PTI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो: PTI)

  • वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम में डोनाल्ड ट्रंप का बयान
  • अमेरिका एक विकासशील देश: डोनाल्ड ट्रंप
  • भारत-चीन को मिला इस टैग का फायदा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के बीच तकरार पिछले चार साल से जारी है. अब बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर इस ट्रेडिंग संगठन पर बड़ा आरोप लगाया और अमेरिका के साथ भेदभाव होने की बात कही. इसी दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन की तरह अमेरिका भी एक विकासशील देश है लेकिन हमें उस तरह नहीं देखा जाता है.

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जारी एक सेशन में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘सभी जानते हैं कि मेरी और इनकी (WTO)की बनती नहीं है, क्योंकि हमारे देश के साथ सही व्यवहार नहीं किया जा रहा है. चीन को एक विकासशील देश की तरह देखा जाता है, भारत को भी विकासशील देश माना जाता है. लेकिन हमें उस नज़र से नहीं देखा जाता है.’

Advertisement

ऐसा पहली बार नहीं है जब ट्रेड के मसलों पर डोनाल्ड ट्रंप ने भारत या फिर चीन के खिलाफ कुछ बात कही हो. बीते लंबे समय से चीन के साथ अमेरिका की ट्रेड वॉर जारी है तो वहीं भारत के खिलाफ भी टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप भेदभाव करते आए हैं.

usa_012320082424.jpgव्हाइट हाउस के द्वारा जारी बयान

भारत-चीन के बहाने WTO पर निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि जहां तक मेरा मानना है कि हम भी वही हैं. विकासशील देश के नाम पर इन देशों को काफी फायदा मिल रहा है, जो कि उन्हें नहीं मिलना चाहिए था. किसी भी तरह की डील के लिए अब हम नए स्ट्रक्चर की मांग कर रहे हैं.

बीते दिनों ही चीन के साथ ट्रेड डील का पहला स्टेप पार करने वाले ट्रंप ने कहा कि अगर WTO इस तरह का भेदभाव ना करता तो आज का चीन कभी वैसा चीन नहीं होता. मुझे दुख है कि जो पहले यहां थे उन्होंने इस तरह की शिकायत दुनिया से नहीं की.

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार दावोस में जारी वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम में भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने अपनी उपलब्धियों को गिनाया और इस साल होने वाले चुनाव में अपनी जीत का दावा किया.

Advertisement
Advertisement