चीन के बाद दुनिया के अन्य देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण बड़ी तेजी से अपने पैर पसार रहा है. इस वायरस के फैलने का सबसे बड़ा कारण दूसरे देशों से आने वाले संक्रमित व्यक्तियों को माना जा रहा है. इस समस्या से निपटने और रोक लगाने के लिए लगभग सभी ने उन देशों से दूरी बना ली है, जो इस वायरस के संक्रमण से पीड़ित है.
इसी कड़ी में थाईलैंड और मलेशिया ने रविवार को कोरोना वायरस की आशंका के चलते इटली से आने वाले एक क्रूज को अपने बंदरगाह पर आने से रोक लगा दिया है. एक अधिकारी के मुताबिक, क्रूज में लगभग 2,000 लोग सवार हैं. यह क्रूज कोस्टा फॉर्चून कंपनी का है, कंपनी का कहना है कि जहाज में ऐसा कोई भी यात्री मौजूद नहीं है जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो.
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चीन के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे ज्यादा असर इटली में देखा गया है. जहां अब तक 7,375 मामले सामने आये हैं. मलेशिया के एक अधिकारी के मुताबिक, इस जहाज में इटली के 64 नागरिक मौजूद हैं. इनमें से कई लोगों में कोरोना के संक्रमण होने के आसार है. जिस कारण से जहाज की एंट्री को बैन किया गया है. वहीं थाई अधिकारी के मुताबिक, जहाज पर इसलिये प्रतिबंध लगाया गया है क्योंकि उसमें मौजूद कुछ नागरिक ऐसे हैं जो पिछले 14 दिनों से इटली में रह रहे हैं.
थाईलैंड के स्थानीय अखबार द बैंकॉक पोस्ट ने कोस्टा क्रूज संचालक के हवाले से बताया, 'थाईलैंड ने शुक्रवार को पहली बार कोस्टा फॉर्चून को फुकेत के लोकप्रिय थाई हॉलिडे आइलैंड से दूर कर दिया था. हालांकि जहाज में संदिग्ध वायरस का एक भी मामला नहीं था.'
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यह मामला तब सामने आया जब मलेशियाई सरकार ने उन देशों से आने वाले सभी क्रूज जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया, जो इस वायरस से प्रभावित हैं. ताइवान, हांगकांग और जापान के बाद अब मलेशिया और थाईलैंड भी उन देशों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने क्रूज जहाजों को कोरोना वायरस के चलते अपने बंदरगाहों में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है.
आपको बता दें कोरोना वायरस अब तक लगभग 95 देशों में फैल चुका है. पूरे विश्व में कुल 109,400 संक्रमण के मामले सामने आये हैं, वहीं इस वायरस से मरने वालों की संख्या 3800 हो चुकी है.