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UK में डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ाए कोरोना के 50 फीसदी मामले, वैक्सीनेशन में तेजी जरूरी: स्टडी

मई में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के कारण UK में नए मामलों में करीब 50 फीसदी की उछाल देखी गई है. लंदन के इम्पीरियल कॉलेज द्वारा की गई स्टडी में ये बात सामने आई है. 

यूके में कोरोना की ताजा लहर के पीछे डेल्टा वैरिएंट (फाइल फोटो) यूके में कोरोना की ताजा लहर के पीछे डेल्टा वैरिएंट (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूके के कोरोना मामलों को लेकर स्टडी
  • डेल्टा वैरिएंट ने बढ़ाई है चिंता

कोरोना को मात देने की ओर आगे बढ़ रहा यूनाइटेड किंगडम एक बार फिर बैकफुट पर है. मई में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के कारण यहां नए मामलों में करीब 50 फीसदी की उछाल देखी गई है. लंदन के इम्पीरियल कॉलेज द्वारा की गई स्टडी में ये बात सामने आई है. 

ये स्टडी तब सामने आई है जब प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाल ही में अनलॉक की प्रक्रिया को जुलाई तक टालने का फैसला किया है. अब सरकार की ओर से बयान दिया गया है कि स्टडी भी प्रधानमंत्री के फैसले को सही ठहराती है. 

बता दें कि बोरिस जॉनसन ने हाल ही में ऐलान किया था कि अब अनलॉक की प्रक्रिया 19 जुलाई से लागू होगी, जो कि जून में शुरू होने वाली थी. ये फैसला डेल्टा वैरिएंट के तेज़ी से फैलने के कारण लिया गया था, जो भारत में सबसे पहले पाया गया था.  

स्टडी के मुताबिक, नए वैरिएंट का विस्तार अब तेजी से हो रहा है. सिर्फ 11 दिन में ही मामले डबल हो रहे हैं. ये बहुत ही निराशाजनक संकेत हैं. इस स्टडी के लिए करीब 1 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई. 

ब्रिटेन में करीब आधा युवा आबादी ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ ले ली हैं, जबकि करीब तीन तिहाई हिस्से को एक डोज़ लग चुकी है. ऐसे में स्टडी में कहा गया है कि जल्द से जल्द वैक्सीनेशन को पूरा करने की ज़रूरत है. 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वैरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था, जिसने यहां भी कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार में अहम भूमिका निभाई. ये वैरिएंट करीब 40 देशों में मिल चुका है, जिसके बाद WHO ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया था. 

 

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