चीन के आधिकारिक मुखपत्र पीपल्स डेली ने मिसाइल सिस्टम्स की नाम पद्धति, वीडियो की तारीखों आदि को लेकर कई गलतियां की हैं. पीपुल्स डेली को विश्वसनीय समाचार स्रोत माना जाता रहा है लेकिन इसने भी दरकना शुरू कर दिया है.
ताजा मामला मामूली चूक से कहीं ऊपर है. मुखपत्र के ट्वीटर हैंडल @PDChina ने 27 जुलाई, 2020 को एक वीडियो ट्वीट किया. ये वीडियो एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के AG600 विमान की पहली उड़ान से संबंधित था. ये उड़ान एक दिन पूर्व ही हुई थी. इस वीडियो में एडिटिंग की बड़ी गलतियों के साथ मॉर्फिंग के स्पष्ट प्रमाण नजर आते हैं.
चीन का दावा है कि उसका स्वदेशी तकनीक से विकसित AG600 दुनिया का सबसे बड़ा एम्फीबियस (उभयचर) विमान है जो मुश्किल मौसम और पर्यावरण की स्थितियों में भी ऑपरेट कर सकता है.
Designed to be the world's #largest, China's independently developed AG600 large #amphibious #aircraft has conducted its 1st taking off from the sea surface in Qingdao, E China’s Shandong, on Sunday. It landed in Rizhao Shanxihe Airport at 10:49 am after a 28-minute test flight. pic.twitter.com/q6oRRozQfF
— People's Daily, China (@PDChina) July 26, 2020
इंडिया टुडे ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने वीडियो के विभिन्न हिस्सों को जियोलोकेट किया. इससे संकेत मिलता है कि पहली उड़ान वैसी कामयाब नहीं रही जैसा कि दावा किया गया.
टेक ऑफ
AG600 एम्फीबियस (उभयचर) एयरक्राफ्ट, ऐसा टाइप है जो लद्दाख की पेंगांग सो झील के शांत पानी से भी ऑपरेट कर सकता है. इसकी पहली उड़ान के वीडियो में इसे किंगडाओ क्रूज टर्मिनल से अपना रन स्टार्ट करते देखा जा सकता है जो कि 0:01 सेकेंड पर दिखता है.
फ्रेम अचानक 0:02 सेकंड पर एक अलग स्थान पर शिफ्ट हो जाता है. जियोलोकेशन इंगित करता है कि जगह बहुत परिचित है और किंगडाओ एम्फीबियस विमान बेस के पास विशिष्ट पंचकोणीय पेंटागोनल इमारत है.
इसके बाद, विमान 0:05 सेकंड पर टेक ऑफ के लिए अपना रन जारी रखता है. यह विमान के रन के 4.5 किलोमीटर से अधिक होने का संकेत देता है. ये विमान निश्चित तौर पर बिना किसी लोड के होगा.
इस तरह के विमानों का खराब मौसम में किसी लोड के साथ उड़ान भरना, विशेष रूप से आपात स्थिति के दौरान, अब बहुत मुश्किल काम प्रतीत होता है.
‘सुपर हेलीकॉप्टर’
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) और नेवी (PLAN) नियमित रूप से नए विमानों की पहली उड़ान की तस्वीरें लेने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करती हैं.

वीडियो में AG600 एयरक्राफ्ट के ऊपर देखा गया हेलीकॉप्टर एक ‘सुपर हेलीकॉप्टर’ जैसा काम करता दिखता है. यह 0:03 सेकंड पर अचानक प्रकट होता है और एक सेकंड के भीतर अचानक गायब हो जाता है.

हेलीकॉप्टर 0:07 पर फ्रेम के बीच में फिर से दिखाई देता है और क्लिप के अंत तक विमान पर मंडराता नजर आता है.

हेलीकॉप्टर फिर 0:10 से 0:13 तक विमान की तुलना में बहुत तेजी से आगे बढ़ने के लिए अविश्वसनीय गति हासिल कर लेता है. उस विमान से जिसने चार WJ-6 टर्बोप्रॉप इंजन के साथ उड़ान भरी थी.


यह सब स्पष्ट चालबाजी इस निष्कर्ष पर पहुंचाती है कि चीन के सबसे बड़े एम्फीबियस एयरक्राफ्ट AG600 की पहली उड़ान शायद एक बड़ी कामयाबी नहीं थी. पब्लिश किए गए वीडियो में बड़ी मॉर्फिंग और एडीटिंग की गई है. ये सिर्फ दुनिया को ये दिखाने के इरादे से किया गया कि ये उड़ान बड़ी सफल थी.
(कर्नल विनायक भट (रिटायर्ड) इंडिया टुडे के लिए एक सलाहकार हैं. वे सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषक हैं. उन्होंने 33 साल भारतीय सेना में सर्विस की)