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अमेरिका ने उठाया ऐसा कदम कि बुरी तरह तिलमिलाया चीन

अमेरिका ने दिसंबर में होने जा रहे लोकतंत्र शिखर सम्मेलन के लिए ताइवान समेत 110 देशों को आमंत्रित करने का फैसला किया है. अमेरिका के इस फैसले से चीन भड़का हुआ है. चीन का कहना है कि अमेरिका का ताइवान को आमंत्रित करने का फैसला एक गलती है. चीन ने ये भी कहा कि अमेरिका को ताइवान के अलगाववादियों से दूरी बनानी चाहिए. 

चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता फोटो क्रेडिट: रॉयटर्स
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ताइवान-अमेरिका के संबंधों से भड़का चीन
  • चीन पहले भी कह चुका है- आग से ना खेले अमेरिका

अमेरिका ने दिसंबर में होने जा रहे लोकतंत्र शिखर सम्मेलन के लिए ताइवान समेत 110 देशों को आमंत्रित करने का फैसला किया है. अमेरिका के इस फैसले से चीन भड़का हुआ है. चीन का कहना है कि अमेरिका का ताइवान को आमंत्रित करने का फैसला एक गलती है. चीन ने ये भी कहा कि अमेरिका को ताइवान के अलगाववादियों से दूरी बनानी चाहिए. ताइवान अपने आपको एक स्व-शासित लोकतांत्रिक द्वीप के तौर पर देखता रहा है लेकिन चीन का मानना है कि ताइवान उसका हिस्सा है. चीन ताइवान पर बलपूर्वक कब्जे की भी बात करता रहा है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, 'चीन अमेरिका के तथाकथित लोकतंत्र शिखर सम्मेलन में ताइवान के निमंत्रण का दृढ़ता से विरोध करता है. ताइवान चीन का अविभाज्य हिस्सा है. बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने सम्मेलन के मेहमानों की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, इराक, इजरायल समेत तमाम देश हैं हालांकि अमेरिका ने चीन, रूस, श्रीलंका, बांग्लादेश, सऊदी अरब को इस सम्मेलन के लिए निमंत्रण नहीं भेजा है. ये वर्चुएल सम्मेलन 9 और 10 दिसंबर को होने जा रहा है. 

अमेरिका को पहले भी चेतावनी जारी कर चुका है चीन

अमेरिका और ताइवान के बीच कुछ दिनों पहले एक इकोनॉमिक पार्टनरशिप डायलॉग भी हुआ था. ताइवान और अमेरिका के बीच पिछले साल शुरू की गई आर्थिक वार्ता में ये दूसरे सत्र की बैठक थी. इस मुलाकात को लेकर भी चीन के विदेश मंत्रालय से बयान आया था. इस बयान में कहा गया था कि हम चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों और ताइवान के बीच किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत का विरोध करते हैं. चीन को ताइवान के साथ अपने बढ़ते रिश्ते पर तत्काल लगाम लगानी चाहिए और किसी भी रूप में ताइवान से आधिकारिक बातचीत नहीं करनी चाहिए.

अमेरिका और ताइवान के बीच ये बैठक राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई एक वर्चुअल बैठक के एक हफ्ते बाद हुई. इस बैठक में शी जिनपिंग ने चेतावनी देते हुए राष्ट्रपति बाइडन से कहा कि ताइवान में आजादी का समर्थन करना आग से खेलने की तरह है और जो आग से खेलेगा वो जल जाएगा. गौरतलब है कि हाल ही में मैनेजमेंट कंसल्टिंग कंपनी मैकिन्से एंड कंपनी की शोध शाखा की एक नई रिपोर्ट में ये दावा किया गया था कि चीन अमेरिका को अमीरी के मामले में पीछे छोड़ चुका है. 

 

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