ब्रिटेन की पुलिस ने शनिवार को लंदन में सशस्त्र बल दिवस के अवसर पर आयोजित परेड को निशाना बनाकर इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा आत्मघाती हमला किए जाने की साजिश को विफल कर दिया. हमले का मकसद 2013 में इस्लामी चरमपंथियों द्वारा मारे गए ली रिगबी की रेजीमेंट के सैनिकों को मारना था.
अखबार सन के मुताबिक, प्रेशर कुकर बम से सैनिकों के अलावा परेड देखने वालों को भी निशाना बनाने का इरादा था. साजिश का पता तब लगा जब सीरिया में आईएस के एक नेता ने अखबार के एक अंडरकवर इनवेस्टिगेटर को इसे ले जाने के लिये अनजाने में भर्ती किया.
'उनकी ही धरती पर निशाना साधेंगे'
अखबार के अनुसार, आईएस के एक नेता ने अपना नाम जुनैद हुसैन बताया और अखबार के इनवेस्टिगेटर से कहा, 'यह बडा (धमाका) होगा. हम उनके सैनिकों पर उनकी ही धरती पर निशाना साधेंगे. अफगानिस्तान और इराक में सेवा दे चुके सैनिक वहां होंगे. वे सोचते हैं कि वे इराक और अफगानिस्तान में मुस्लिमों को मार सकते हैं फिर ब्रिटेन लौटकर सुरक्षित रह सकते हैं. हम उन पर कडा प्रहार करेंगे.'
हालांकि इनवेस्टिगेटर की ओर से सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं, जिसके चलते लंदन के दक्षिण पश्चिम में मेरटन में होने वाली परेड में बम की साजिश नाकाम कर दी गई. प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि परेड के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होगी.
पुलिस ने बताया कि सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और लोगों को प्रोत्साहित किया है कि वे सहज होकर परेड देखें. उन्होंने कहा, 'यह हमेशा मददगार रहा है जब पत्रकारों ने सूचना हमसे साझा की है जैसा कि इस मामले में सन अखबार ने किया.'
- इनपुट भाषा