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UK से भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी पर बोला विजय माल्या, फैसले के खिलाफ अपील करूंगा

बैंकों का करोड़ों रुपये लेकर विदेश भागे विजय माल्या को देश में लाने का रास्ता साफ हो गया है. यूके की सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है.  इस बीच अपील करने के लिए विजय माल्या को 14 दिन की मोहलत दी गई है.

कारोबारी विजय माल्या (फाइल फोटो) कारोबारी विजय माल्या (फाइल फोटो)

बैंकों का करोड़ों रुपये लेकर विदेश भागे विजय माल्या को देश में लाने का रास्ता साफ हो गया है. यूके की सरकार ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है.  इस बीच अपील करने के लिए विजय माल्या को 14 दिन की मोहलत दी गई है. यूके होम सेक्रेटरी ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है.

आपको बता दें कि भारतीय बैंकों से धोखाधड़ी के मामले में आरोपी विजय माल्या जांच के दौरान ही मार्च 2016 में लंदन भाग गया था. माल्या को वापस लाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जांच एजेंसियों ने लंबी लड़ाई लड़ी. इस दौरान बड़ी सफलता तब मिली जब दिसंबर 2018 में लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने माल्या को भारत भेजने का फैसला सुनाया. जिसके बाद प्रत्यर्पण संबंधी आदेश की फाइल होम सेक्रेटरी को भेज दी गई थी. अब होम ऑफिस ने भी माल्या के प्रत्यर्पण संबंधी फाइल पर दस्तखत कर दिए हैं. हालांकि माल्या के पास अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अगले 14 दिन में अपील करना का समय दिया गया है.

इस बीच विजय माल्या ने होम डिपार्टमेंट के निर्णय पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट में लिखा है कि, 10 दिसंबर, 2018 के वेस्टमिंस्टर कोर्ट के निर्णय के बाद ही मैने अपील की मंशा जाहिर की थी. होम सेक्रेटरी के निर्णय से पहले मैं अपील की प्रक्रिया की शुरुआत नहीं कर पाया. अब मैं अपील की प्रक्रिया शुरू करूंगा.

आर्थिक अपराधी विजय माल्या पर भारतीय बैंकों से 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है. भारतीय एजेंसियां सीबीआई और ईडी इस मामले की जांच कर रही हैं. एजेंसियों ने भगोड़े शराब करोबारी माल्या से जुड़ी 13,000 करोड़ रुपये संपत्तियां जब्त की हैं. 1 फरवरी को माल्या ने अपने ट्वीट में लिखा था कि हर सुबह जब उठता हूं तब पता चलता है कि श्रृण वसूली अधिकारी ने एक और संपत्ति जब्त कर ली है. जिनकी कीमत 13,000 करोड़ रुपया पार कर चुकी है. जबकि कुल ब्याज समेत बैंक का दावा 9000 करोड़ रुपये का है, जो अभी समीक्षा का विषय है. यह सिलसिला कहां तक जाएगा?

आपको बता दें कि विपक्ष लगातार मोदी सरकार को आर्थिक अपराधियों के भारत से भागने को मुद्दा बनाकर घेरता रहा है. कुछ महीने पहले माल्या ने खुलासा किया था कि लंदन जाने से पहले वो केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से मिला था और बताया था कि वो कहां जा रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तब जेटली और माल्या की इस कथित मुलाकात को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने का प्रयास किया था.

देश से भागे आर्थिक अपराधी विजय माल्या, पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोक्सी को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहा है और आगामी लोकसभा चुनाव में भी इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी है. लेकिन लोकसभा चुनाव से ऐन पहले केंद्र को मिली इस कामयाबी से कम से कम माल्या के मोर्चे पर सरकार सफल होती नजर आ रही है. आजतक के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने कहा था कि जिस तरह क्रिकेट के अंतिम ओवरों में चौके छक्के लगते हैं. वैसे ही स्लॉग ओवर में चौके छक्के लगने का इंतजार करिए.

इस बीच कैबिनेट मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर कहा कि शारदा के घोटालेबाजों के समर्थन में विपक्ष की रैली के बीच मोदी सरकार माल्या को भारत लाने में एक स्टेप और आगे बढ़ी.

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