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बेल्जियमः पेरिस की एक रैली में बम लगाने के आरोप में ईरानी राजनयिक को 20 साल की जेल

बेल्जियम की एक अदालत ने विएना में रहने वाले अधिकारी की ओर से राजनयिक प्रतिरक्षा के दावे को खारिज कर दिया. 49 वर्षीय असदुल्लाह असादी विएना स्थित ईरानी दूतावास में कार्यरत थे और उन्हें बेल्जियम के एंटवर्प कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है.

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बेल्जियम में जिस समय कोर्ट में सुनवाई चल रही थी उस समय लोग बाहर प्रदर्शन कर रहे थे (AP) बेल्जियम में जिस समय कोर्ट में सुनवाई चल रही थी उस समय लोग बाहर प्रदर्शन कर रहे थे (AP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ईरानी राजनयिक अंडरकवर सीक्रेट एजेंट पहचाने गए
  • रैली में बम धमाका करने की साजिश रचने का दोषी करार
  • राजनयिक समेत 4 दोषियों को मिली लंबी जेल की सजा

अंडरकवर सीक्रेट एजेंट के रूप में पहचाने गए एक ईरानी राजनयिक को बेल्जियम में गुरुवार को फ्रांस में निर्वासित ईरानी विपक्षी समूह की ओर से आयोजित रैली में बम धमाका करने की साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराया गया और उन्हें 20 साल जेल की सजा सुनाई गई.

बेल्जियम की एक अदालत ने विएना में रहने वाले अधिकारी की ओर से राजनयिक प्रतिरक्षा के दावे को खारिज कर दिया. 49 वर्षीय असदुल्लाह असादी विएना स्थित ईरानी दूतावास में कार्यरत थे और उन्हें बेल्जियम के एंटवर्प कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है.

असदुल्लाह असादी ने आरोपों का सामना किया और पिछले साल अपने ट्रायल के दौरान गवाही देने से इनकार कर दिया, जिससे उनकी राजनयिक स्थिति का पता चला. वह एंटवर्प कोर्ट हाउस में गुरुवार की सुनवाई में भी शामिल नहीं हुए.

धमाके की योजना बनाने का दोषी
अभियोजकों ने हत्या के प्रयास और आतंकवादी समूह की गतिविधियों में भागीदारी के आरोप में अधिकतम 20 साल की जेल की सजा का अनुरोध किया था. बचाव पक्ष के वकील दिमित्री डी बेको ने कहा कि असादी फैसले और सजा के खिलाफ अपील करने का फैसला करेंगे.

मामले में तीन अन्य प्रतिवादियों को भी बम विस्फोट करने की योजना बनाने का दोषी पाया गया और अदालत ने कहा कि वे एक ही नेटवर्क से जुड़े हुए थे. इन्हें जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम की पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया था. हालांकि ईरान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है और इसे साजिश करार देता रहा है.

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ऐसा पहली बार है जब किसी ईरानी अधिकारी पर 1979 की क्रांति के बाद यूरोपीय संघ में इस तरह के आरोप लगे हैं. असादी के अलावा 3 अन्य दोषियों को क्रमशः 15 साल, 18 साल और 17 साल की जेल की सजा मिली है.

रैली में कई बड़ी हस्तियां थीं शामिल 
30 जून 2018 में निर्वासित नेशनल काउंसिल ऑफ रेसिस्टेंस ऑफ ईरान की एक रैली फ्रांस की राजधानी पेरिस के बाहर हुई थी. इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे. इसमें तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकील रुडी गुलियानी, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के पूर्व रूढ़िवादी वक्ता न्यूट गिंगरिच और कोलंबियाई राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार इंग्रिड बेटनकोर्ट भी शामिल थे.

असदुल्लाह असादी को एक दिन बाद जर्मनी में गिरफ्तार किया गया और बेल्जियम स्थानांतरित कर दिया गया. कोर्ट ने कहा कि चूंकि असादी गिरफ्तारी के समय छुट्टी पर थे  और ऑस्ट्रिया में नहीं, जहां उन्हें राजनयिक की मान्यता दी गई थी वह प्रतिरक्षा के हकदार नहीं थे.

असादी पर आरोप है कि उन्होंने लक्समबर्ग में ईरानी मूल के एक बेल्जियन दंपति से मुलाकात कर उन्हें विस्फोटक सामग्री दी थी. इस दंपति को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. इस पूरे प्रकरण में फ्रांस ने ईरान के खुफिया विभाग पर योजना बना कर हमला करने का आरोप लगाया था. साथ ही फ्रांस ने दो वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की संपत्ति भी जब्त कर ली थी.

 

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