रूस में एक हिंदू धर्मगुरु ने कुछ धार्मिक चरमपंथियों पर हमला करने और धमकाने का आरोप लगाया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रूस का एक धार्मिक चरमपंथी संगठन हिंदू धर्म और भारतियों का विरोध कर रहा है.
कुछ दिन पहले इस संगठन के लोगों ने भारतीय मूल के धर्मगुरु प्रकाश जी को यह कहते हुए धमकाया कि, "रूस केवल क्रिश्चनों का देश है, यहां हिंदू धर्म नहीं चलेगा." यही नहीं, संगठन के लोग आए दिन उनके आश्रम में घुस आते हैं और लोगों को धमकाते हैं.
बता दें कि धर्मगुरु प्रकाश जी 27 वर्षों से रूस में हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रहे हैं. बीते कुछ दिनों से यह संगठन उन्हें निशाना बनाए हुए हैं. इसके चलते प्रकाश जी ने यूट्यूब पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मदद की गुहार लगाईं है.
धर्मगुरु प्रकाश जी ने बताया कि, "अलेक्सजेंडर डोर्व्किन नाम का शख्स हिंदू धर्म को रूस से बाहर करने की धमकी उन्हें देता है. 2 नवम्बर को वह कुछ पुलिस की वर्दी पहने लोगों के साथ उनके आश्रम में घुसा और फर्जी रेड मारी."
इसके बाद जब प्रकाश जी अपने बेटे के साथ इस घटना की शिकायत करने के लिए पुलिस के पास जा रहे थे तो उन्हें कुछ लोगों ने धमकाया. यही नहीं, उनके साथ हाथापाई भी की गई.
बता दें कि अलेक्सजेंडर डोर्व्किन वही शख्स है जिसने 6 माह पहले रूस में हिंदू धर्म का विरोध करते हुए भगवत गीता को आग लगाईं थी . प्रकाश जी का आरोप है कि अलेक्सजेंडर हिंदू धर्म के खिलाफ लोगों को भड़का रहा है. उसने कई संगठन भी बना रखे हैं, जो आए दिन हिन्दुओं को धमकाते हैं.
इस बारे में प्रकाश जी जर्नल वी के सिंह से भी मुलाक़ात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है. प्रकाश जी का कहना है कि हमलों की वजह से रूस में रह रहे हिंदू खौफ में है. यदि हिंदुओं पर हमले नहीं रोके गए तो इसका असर भारत और रूस के रिश्तों पर भी पड़ सकता है.