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कंधार: पहले कब्जा अब लोगों को घर छोड़ने का फरमान, तालिबान के खिलाफ जनता का प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3,000 परिवारों को तालिबानियों द्वारा कॉलोनी छोड़ने के लिए कहने के बाद प्रदर्शनकारी कंधार में गवर्नर हाउस के सामने जमा हो गए.

तालिबान के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन तालिबान के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तालिबानी फरमान और लोगों का प्रदर्शन
  • लोगों को घर छोड़ने का फरमान
  • तालिबान के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद लगातार कई इलाकों में तालिबानियों के ज़ुल्म की खबरें आ रही हैं. इस जुल्म के ख़िलाफ़ अब वहां के स्थानीय लोग भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. स्थानीय मीडिया आउटलेट, अश्वका न्यूज के अनुसार आज हजारों अफगानों ने मंगलवार (14 सितंबर) को दक्षिणी शहर कंधार में एक आवासीय सेना कॉलोनी को जबरन 3 दिन के अंदर खाली कराने के खिलाफ तालिबान के विरोध में प्रदर्शन किया.

तालिबानी फरमान और लोगों का प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3,000 परिवारों को तालिबानियों द्वारा कॉलोनी छोड़ने के लिए कहने के बाद प्रदर्शनकारी कंधार में गवर्नर हाउस के सामने जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें तीन दिनों के भीतर अपने घर छोड़ने का आदेश दिया गया है. प्रभावित क्षेत्र पर मुख्य रूप से सेवानिवृत्त सेना जनरलों के परिवारों और अफगान सुरक्षा बलों के अन्य सदस्य दशकों से वहां रह रहे हैं लेकिन तालिबान के कब्ज़े के बाद उन्हें जगह खली करने को कहा गया है. तालिबान ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की पिटाई भी की.

कंधार के इलाके फ़िरक़ा में प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि तालिबान ने कंधार के बाहरी इलाके में रहने वाले लगभग 3,000 परिवारों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है. ये परिवार पहले कंधार के "फ़िरक़ा" में रहते थे. इनमें से अधिकांश परिवारों ने युद्ध के दौरान अपने अभिभावकों और समर्थकों को खो दिया है. जाहिर है, उन्होंने अफगान रक्षा मंत्रालय की जमीन पर अपने घर बनाए हैं. इनमें से कुछ परिवार इस क्षेत्र में लगभग तीस वर्षों से रह रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों की आपबीती

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके पास इस समय रहने के लिए घर नहीं है. उनका कहना है कि पूर्व शासन ने केवल सरकार के लिए काम करने वाले परिवारों के लिए निपटान की अनुमति दी थी. लेकिन इस बार मोहल्ले के सभी लोगों को घरों से बाहर निकलने को कहा गया है. तालिबान ने कल लाउडस्पीकर से घोषणा कर उन्हें तीन दिनों के भीतर अपने घरों को खाली करने और केवल आवश्यक चीजों को हटाने का आदेश दे दिया है.

स्थानीय मीडिया के अनुसार प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनसे कहा गया है कि वे अपने साथ कोई घरेलू सामान नहीं ले जाएंगे. उनके मुताबिक तालिबान अपने लोगों को इन घरों में बसा रहा है. निवासियों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं और उनके पास भोजन भी नहीं है. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कंधार के अधिकारी उन्हें किसी न किसी बहाने परेशान करना बंद करें.

पहले गनी सरकार के अधिकारी रहते थे

अश्वका न्यूज के अनुसार कुछ लोगों ने पिछले 3 से 4 दशकों के दौरान फिरका (पुरानी सेना डिवीजन) क्षेत्र में सरकारी जमीन पर घर बना लिया था और वहां रह रहे हैं. ये संख्या पिछले 20 वर्षों में बढ़ाई गई थी.

फ़िरक़ा अफ़ग़ानिस्तान में कंधार के पास जगह है जहां अशरफ़ गनी शासन के दौरान सरकारी अधिकारियों का आवास था और अब तालिबान वहां अपने  अधिकारियों के लिए वहीं आवासीय कॉलोनी चाहता है. यहां पर करीब 3000 लोग इन घरों में रह रहे थे. तालिबान ने उन्हें 3 दिनों में घर छोड़कर चले जाने को कहा है. तालिबान के जुल्म से परेशान इन निवासियों ने आज कंधार में तालिबान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

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