पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने लोगों का आह्वान किया है कि चरमवादी रुझानों और भ्रमित तत्वों के नकारात्मक दुष्प्रचार को खारिज कर दें और इस्लाम की सहिष्णुता की शिक्षाओं का प्रसार करें.
जरदारी ने ईद-उल-फितर पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि इस तर्ज पर विकसित होने वाला समाज चरमवाद और हिंसा के मुद्दों को सुलझाने में मददगार होगा. जरदारी ने कहा कि लोगों को घृणा, दुश्मनी, लालच और द्वेष त्यागने तथा इसके बदले प्रेम व आत्मीयता, सहिष्णुता, उदारता और धर्य को बढ़ावा देने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि यात्री बसों पर आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी की हाल की घटनाएं, और गुटीय हिंसा की अन्य घटनाएं पूरी तरह इस्लाम की शिक्षाओं के विपरीत हैं. जरदारी ने कहा कि पंजाब प्रांत के कामरा हवाई ठिकाने पर हुए हमले को हमारे देश के सशस्त्र बलों के साहस से विफल कर दिया गया.
प्रधानमंत्री अशरफ ने भी समाज विरोधी गतिविधियों से बचते हुए पाकिस्तान को शांति का केंद्र बनाने के लिए काम करने का आह्वान किया. अशरफ ने कहा कि ईद-उल-फितर शांति और सद्भाव का त्योहार है. आइए हम संकल्प लें कि अपनी ऊर्जा व संसाधानों का इस्तेमाल इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप मानवता के कल्याण के लिए करेंगे.