नरेंद्र मोदी भारतीय समयानुसार सुबह चार बजे मलेशिया पहुंचे. पीएम पूर्वी एशिया के दो देशों मलेशिया और सिंगापुर के दौरे पर हैं. दो देशों की 4 दिवसीय यात्रा पर प्रधानमंत्री शुक्रवार देर रात रवाना हुए थे.
आसियान कारोबार और निवेश शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले 18 महीने में मुद्रास्फीति को कम करने के साथ उच्च जीडीपी वृद्धि दर की ओर उन्मुख होने और विदेश निवेश को बढ़ावा देने जैसे कार्य किये हैं.
अर्थव्यवस्था को पटरी पर वापस लाने की दिशा में कई पहल करने के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सुधार भारत में बदलाव लाने के ‘लक्ष्य की दिशा में बढ़ने का एक मार्ग’ है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पारदर्शी और सुस्पष्ट कर व्यवस्था के साथ बौद्धिक संपदा अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करने का संकल्प भी व्यक्त किया.
पीएम मोदी ने कहा कि मई 2014 में जब भाजपा नीत सरकार सत्ता में आई तब अर्थव्यवस्था उच्च राजकोषीय और चालू खाता घाटे से जूझ रही थी और आधारभूत संरचना परियोजना रुकी हुई थी तथा मुद्रास्फीति लगातार बनी हुई थी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आसियान-भारत शिखर सम्मेलन से इतर चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों के साथ ही परस्पर सरोकार के वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.
इस मुलाकात पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘चाइनीज कनेक्ट..भारत-चीन रिश्ते और वैश्विक मुद्दे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री ली क्विंग के बीच वार्ता के केन्द्र में हैं.’
इस बीच इसी समिट के दौरान एक अप्रिय घटना भी हो गई जब सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो अबे की मुलाकात के दौरान उनके बगल में लगा तिरंगा उल्टा लटकाया गया था.