नागरिकता संशोधन बिल को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रतिक्रिया दी है. बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पारित हो गया. इस बिल में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है. पाकिस्तानी पीएम ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और बिल को लेकर विरोध जताया.
इमरान खान ने ट्वीट में लिखा, "मोदी के नेतृत्व में भारत व्यवस्थित तरीके से हिंदू सुप्रीमेसिस्ट एजेंडे की तरफ आगे बढ़ रहा है. सबसे पहले जम्मू-कश्मीर से शुरुआत हुई, फिर असम के 20 लाख मुसलमानों की नागरिकता से वंचित कर दिया गया और अब नागरिकता संशोधन बिल पारित कर दिया गया है."
अपने देश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न और हिंसा को लेकर घिरे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने मोदी सरकार पर तमाम आरोप लगाए. इमरान खान ने कहा कि भारत में मुस्लिमों व अन्य अल्पसंख्यकों की लिंचिंग हो रही है.
इमरान खान ने एक बार फिर इशारों-इशारों में परमाणु हमले की धमकी दे डाली. उन्होंने कहा, दुनिया को यह एहसास हो जाना चाहिए कि जैसे नाजी के सुप्रीमेसिस्ट एजेंडे की वजह से तीसरा विश्व युद्ध हुआ, मोदी के हिंदूवादी एजेंडे और पाकिस्तान के ऊपर मंडरा रहे परमाणु युद्ध के खतरे से दुनिया में भयंकर खून-खराबा और दूरगामी नतीजे देखने को मिल सकते हैं.
इसके बाद इमरान खान ने पूरी दुनिया को चेतावनी भी जारी कर दी. इमरान ने लिखा, मोदी के भारत में असंतोष को दबाया जा रहा है और इससे पहले कि बहुत देर हो
जाए, दुनिया को हस्तक्षेप कर मोदी के हिंदूवादी सुप्रीमेसिस्ट एजेंडे को
रोकना चाहिए.
इससे एक दिन पहले भी इमरान खान ने नागरिकता बिल को लेकर आपत्ति जताई थी और इस बिल को तमाम अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करार दिया था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि यह बिल दोनों देशों के बीच तमाम द्विपक्षीय समझौतों का पूरी तरह से उल्लंघन है और खासतौर पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चिंताजनक है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया था कि इस बिल के जरिए भारत गलत मंशा से उसके
आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान ने कहा, हम
इसकी भी निंदा करते हैं कि भारत पड़ोसी देशों के कथित प्रताड़ित
अल्पसंख्यकों के ठिकाने के तौर पर खुद को पेश करने की कोशिश कर रहा है.