भारतीय वायुसेना आज अपना 87वां स्थापना दिवस मना रहा है. दशहरे के मौके पर भारतीय वायुसेना को आज नया और खतरनाक लड़ाकू विमान राफेल जेट सौंप दिया जाएगा. भारतीय वायुसेना ने फरवरी महीने में बालाकोट स्ट्राइक कर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को चारों खाने चित कर दिया था. आइए जानते हैं भारतीय वायुसेना के आगे पाकिस्तान की वायुसेना कहां टिकती है और दोनों के पास कौन-कौन से विमान-हथियार हैं.
ग्लोबलफायर पावर के मुताबिक, भारत की GPF (ग्लोबलफायर पावर) रैंकिंग 4 है जबकि पाकिस्तान की रैंकिंग 17 है. 1965, 1971, 1999 के युद्ध हों या बालाकोट का एयरस्ट्राइक..भारतीय वायुसेना ने हर बार पाकिस्तान को सबक सिखाया है.
भारत की वायु सेना का संख्या बल (127,200) काफी मजबूत है जबकि पाकिस्तानी वायुसेना में 65,000 जवान ही हैं.
भारतीय वायुसेना के पास कुल 2185 एयरक्राफ्ट हैं जबकि पाकिस्तान के पास 1281 एयरक्राफ्ट ही हैं.
भारत के पास कुल 814 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं. IISS के मुताबिक, पाकिस्तान के पास 425 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं यानी भारत के मुकाबले आधे एयरक्राफ्ट ही हैं. जिसमें चीनी F-7PG और अमेरिकी F-16 फाइटिंग फैल्कन जेट्स भी शामिल हैं.
भारत के पास 590 फाइटर्स और इन्सेप्टर्स हैं जबकि पाकिस्तान के पास 320 ही फाइटर्स हैं.
भारत के पास 804 अटैक एयरक्राफ्ट हैं तो पाकिस्तान के पास भारत के आधे यानी 410 ही अटैक एयरक्राफ्ट हैं.
भारत के पास 720 हेलिकॉप्टर्स हैं जिसमें से 15 अटैक हेलिकॉप्टर्स शामिल हैं, वहीं पाकिस्तान के पास कुल 328 हेलिकॉप्टर हैं और 49 अटैक हेलिकॉप्टर हैं.
भारत में 346 एयरपोर्ट हैं जबकि पाकिस्तान में 151 एयरपोर्ट ही हैं.
पाकिस्तान के पास 5 F-16 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं. जबकि JF-17 थंडर की संख्या 99 है. पाक के पास एक भी मिराज-3 नहीं है जबकि मिराज-5 की संख्या 82 है. भारत के पास फाइटर एयरक्राफ्ट की बात करें तो 114 मिग-21, 44 मिग-27, 66 मिग-29, 12 तेजस, 41 मिराज 2000, सुखोई सु-30 242, 91 जैगुआर हैं. अब राफेल के आने के बाद इस मामले में पाकिस्तान बेहद पीछे छूट जाएगा.
F-16 पाकिस्तान का इकलौता ताकतवर लड़ाकू विमान माना जाता है. इसे पाकिस्तान ने अमेरिका से खरीदा था. 1970 में यह केवल हवा से हवा में मार करने वाला लड़ाकू विमान था लेकिन बाद में इसे मल्टीरोल फाइटर में तब्दील कर दिया गया. अब यह हवा से जमीन मार करने में भी सक्षम है. F-16 हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है. इसके 9 मीटर से लंबे विंग हैं और ध्वनि की गति से दोगुना तेजी से चल सकता है. मल्टीरोल फाइटर होने की वजह से इसे एंटी-शिप मिसाइल्स, हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइल, मीडियम रेंज की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसे तमाम हथियारों से लैस किया जा सकता है.
भारतीय वायुसेना के पास SU-30 MKI, रूसी MiG-29 और MiG-21 जैसे फाइटर हैं. SU-30 MKI टू सीटर फाइटर एयरक्राफ्ट है. यह मीडियम रेंज की हवा से हवा मिसाइल्स ले जाने में सक्षम है. इसकी अधिकतम रफ्तार 2500 किमी/घंटा है.
नाटो ने MiG-29 को फल्क्रम कहा था. यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है. इसका वजन 1100 किलो से ज्यादा है और इसकी विंगस्पैन 37 फीट और लंबाई 56 फीट है. यह 2.3 Mach की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. यह 150 राउंड वाले 30mm GSh-301 कैनन व अन्य खतरनाक हथियारों से लैस है. शीतयुद्ध के दौरान MiG-21 को पहुंच के मामले में सबसे सफल फाइटर जेट कहा जाता था. इसकी रफ्तार 2200 किमी/घंटा है.
F-16 के अलावा पाकिस्तानी आर्मी के पास JF-17 thunder मल्टीरोल फाइटर है. इसकी कीमत 15-25 मिलियन डॉलर है. इसकी लंबाई 14.9 मीटर है और इसकी अधिकतम रफ्तार 1.6 Mach है. यह फाइटर जेट भी हर मौसम में उड़ान भर सकता है. इसे पाकिस्तान ने चीन की मदद से विकसित किया है. इसकी पहुंच 850 मील तक है. यह हवा से समुद्र में हमला करने में सक्षम है और लेजर से चलने वाले शस्त्रों से लैस है. इसके अलावा पाकिस्तान JF-17B का विकास कर रहा है.
पाकिस्तान के JF-17 से भारत के तेजस की तुलना की जाती है जबकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये तुलना बेमानी है. JF-17 तीसरी जेनरेशन का फाइटर एयरक्राफ्ट है जबकि तेजस चौथी जेनरेशन का.