नोएडा इंजीनियर मौत मामले में चश्मदीद ने पहले बताया था कि पुलिस, दमकल तथा SDRF की टीम दो घंटे तक बचाव कार्य में नहीं आई थी. बाद में उसके बयान में बदलाव देखे गए. इस बीच, पुलिस द्वारा उन्हें पांच घंटे तक बैठाए रखने की भी खबरें आई हैं, जो संभवतः दबाव बनाने की कोशिश मानी जा रही है.