उत्तर प्रदेश की सियासत का पारा एक शख्स ने बढ़ा दिया है. इस शख्स का नाम है मनीष जगन अग्रवाल. समाजवादी पार्टी (सपा) के सोशल मीडिया टीम के पदाधिकारी मनीष जगन अग्रवाल को रविवार सुबह लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भड़क गए और वह पहले पुलिस मुख्यालय फिर जेल में मनीष जगन अग्रवाल से मिलने पहुंचे. आइए जानते हैं कि मनीष जगन अग्रवाल कौन है?
मनीष जगन अग्रवाल समाजवादी पार्टी (सपा) से करीब 15 सालों से जुड़े हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी कैंपेनिंग में वह लगातार कार्यकर्ताओं से पार्टी के हित में कंटेंट लेते रहे. मनीष कभी भी लाइमलाइट में नहीं रहे हैं क्योंकि उनका यह काम भी नहीं है. उन्हें कहीं भी किसी भी राजनीतिक रैली में नहीं देखा गया था.
मनीष जगन का कद उस वक्त बढ़ा हुआ, जब सपा ने बीजेपी सरकार को घेरने के लिए कदम आगे बढ़ाये. समाजवादी पार्टी का ट्विटर हैंडल तो 2010 के बाद बन गया था लेकिन समाजवादी पार्टी मीडिया सेल का हैंडल 2017 के बाद बनाया गया, जिसको पूरी तरीके से मनीष जगन अग्रवाल ही हैंडल करते आए हैं.
हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं है कि जो आपत्तिजनक ट्वीट्स समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के हैंडल से किए गए हैं, वह मनीष जगन ने ही किया है. पार्टी को बेहद करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि मनीष, समाजवादी पार्टी को पर्दे के पीछे से मजबूत करते आए हैं. वॉट्स ऐप पर भी मनीष ने सपा का डिजिटल मीडिया प्लान बनाया था.
बताया जा रहा है कि मनीष जगन अग्रवाल ने कई वॉट्स ऐप ग्रुप बना रखे हैं, जिनमें वह जिलेवार जानकारी लेते रहते हैं कि सपा को और कैसे मजबूत किया जा सकता है या जिलेवार वह कौन से मुद्दे हैं... जिन्हें उठाया जा सकता है. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि मनीष जगन अग्रवाल को सपा में पर्दे के पीछे कितना बड़ा रोल था.
मनीष को क्यों गिरफ्तार किया गया?
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के वेरिफाइड हैंडल से यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी, प्रवक्ता आलोक अवस्थी, प्रवक्ता मनीष शुक्ला समेत कई नेताओं पर अभद्र टिप्पणी की गई थी. हाल में बीजेपी युवा मोर्चा की सोशल मीडिया इंचार्ज ऋचा राजपूत पर भी अभद्र टिप्पणी की गई. इस पर एफआईआर दर्ज हुआ.
इस एफआईआर को संज्ञान लेते हुए लखनऊ पुलिस ने रविवार सुबह मनीष जगन अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया. मनीष पर ही समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के ट्विटर हैंडल से बीजेपी नेताओं और पत्रकारों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है. मनीष की गिरफ्तारी को सपा ने मुद्दा बना लिया और डिंपल के खिलाफ टिप्पणी करने वाली बीजेपी नेत्री ऋचा राजपूत को भी गिरफ्तार करने की मांग की है.