उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के थाना गौरीबाजार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बांकी के फुलवरिया टोला में शनिवार को दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई. राइफल से कई राउंड गोलियां चलने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक पक्ष फायरिंग करते हुए दौड़ता दिख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जान बचाने के लिए भागता हुआ “बचाओ-बचाओ” की चीख-पुकार करता नजर आ रहा है.
घटनास्थल से खोखे बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक फायरिंग करने वाला पक्ष फरार हो चुका था. इसके बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए गए. पुलिस को घटनास्थल से छह खोखे बरामद हुए हैं. एडिशनल एसपी आनंद कुमार पांडेय ने फोन पर बताया कि यह घटना जमीन विवाद से जुड़ी है और इसमें कोई घायल नहीं हुआ है. कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है. वहीं, सीओ हरिराम यादव ने बताया कि दो सगे भाइयों समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि ग्राम बांकी के फुलवरिया टोला निवासी वीरेंद्र यादव ने करीब दो साल पहले जमीन की रजिस्ट्री कराकर पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया था. शनिवार को दूसरे पक्ष के अशोक पांडेय और विनोद पांडेय जो सगे भाई हैं, वहां पहुंचे और अपनी जमीन का दावा करते हुए बाउंड्री के अंदर हिस्से में नींव की खुदाई शुरू कर दी. वीरेंद्र यादव के विरोध करने पर दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई.
सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और लौट गई. आरोप है कि कुछ देर बाद अशोक पांडेय और विनोद पांडेय आधा दर्जन से अधिक लोगों के साथ राइफल लेकर दोबारा पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक राउंड फायर किए गए, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई.
ये है विवाद की वजह?
जानकारी के मुताबिक, वीरेंद्र यादव ने दो वर्ष पहले अशोक पांडेय के रिश्तेदार से जमीन खरीदी थी. बाद में अशोक पांडेय ने भी अपने रिश्तेदार से जमीन खरीदी और अपना रकबा कम होने का दावा करते हुए पुरानी बाउंड्री तोड़कर अंदर हिस्से में निर्माण कराने की कोशिश की. इसी को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.
सीओ रुद्रपुर हरिराम यादव ने बताया कि 24 जनवरी 2026 को डायल 112 पर सूचना मिली थी कि गौरीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम बांकीपुर फुलवरिया में नींव को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ है और एक पक्ष ने फायरिंग की है. तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले थाना बघौचघाट क्षेत्र के धूस देवरिया में भी जमीन विवाद को लेकर फायरिंग की घटना सामने आई थी, लेकिन उसमें अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.