उत्तर प्रदेश में लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र में एक युवक ने युवती और उसके परिजनों पर फर्जी निकाहनामा बनाकर झूठे मुकदमे में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है. पीड़ित का कहना है कि विपक्षी पक्ष दबंग किस्म के लोग हैं, जो लगातार उसे और उसके परिवार को जान-माल की धमकियां दे रहे हैं. पीड़ित के मुताबिक, मामले की जानकारी पुलिस को पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
'डेढ़ साल पहले फेसबुक पर बात की थी बस'
हरदोई के कुदौरी संडीला निवासी अब्दुल कादिर, जो अयोध्या में प्राइवेट नौकरी करते हैं, ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक के जरिए लखनऊ के डालीगंज इलाके की रहने वाली अशमाला मानवी से उनकी बातचीत शुरू हुई थी. कुछ समय बाद बातचीत बंद हो गई और वह अपने काम में व्यस्त हो गया. इसी बीच 6 अगस्त 2025 को उसके घर थाना हसनगंज लखनऊ से एक नोटिस पहुंचा, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ.
'निकाहनामे में कोई गवाह नहीं'
पीड़ित का आरोप है कि अशमाला मानवी ने अपने पिता मोहम्मद फहद और अन्य परिजनों के साथ मिलकर उसके नाम से एक कथित निकाहनामा तैयार कराया और उसी के आधार पर हसनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित का कहना है कि मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत निकाहनामा में दोनों पक्षों के परिवार से दो बालिग गवाहों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, जबकि लगाए गए निकाहनामा में न तो ऐसे गवाह हैं, न किसी पंजीकृत या अधिकृत काजी के हस्ताक्षर और मुहर मौजूद है.
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
पीड़ित ने बताया कि उसने 13 अक्टूबर 2025 को थाना हसनगंज पहुंचकर पूरे मामले की लिखित सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. बाद में 18 अगस्त 2025 को उसने अपने वकील के जरिए पारिवारिक न्यायालय, हसनगंज स्थित मीडिएशन सेंटर में जानकारी जुटाई, जहां पता चला कि उसी फर्जी निकाहनामा के आधार पर शिकायत दर्ज है. वहीं, इंस्पेक्टर हसनगंज का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.