लखनऊ कमिश्नरेट के कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के 13 छात्रों को लाल बारादरी के पास नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने के आरोप में नोटिस थमाया है. थाना हसनगंज पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इन छात्रों ने परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को बाधित किया और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था को खतरे में डाला. यह कार्रवाई भविष्य में लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं के तहत की गई है. प्रशासन ने सभी संबंधित छात्रों को निर्देश दिया है कि वे एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी के रूप में भारी-भरकम मुचलका और दो जमानतदार पेश करें.
निर्माण कार्य रोकने और नारेबाजी का है आरोप
पुलिस की चालानी रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन छात्रों ने लाल बारादरी के पास नमाज पढ़ने का प्रयास किया और कैंटीन के सामने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया. आरोपों के मुताबिक, इन गतिविधियों से न केवल यूनिवर्सिटी परिसर का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ, बल्कि वहां चल रहे निर्माण कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई. प्रशासन का मानना है कि इस तरह के कृत्यों से छात्रों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हुई, जिससे भविष्य में बड़ी घटना होने की संभावना बनी हुई थी.
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भारी-भरकम मुचलका और जमानत का आदेश
शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (महानगर) ने कड़ी शर्तें रखी हैं. सभी 13 छात्रों को ₹50,000 का व्यक्तिगत मुचलका भरने को कहा गया है. इसके साथ ही, प्रत्येक छात्र को ₹50,000-₹50,000 की राशि के दो जमानतदार भी प्रस्तुत करने होंगे. यह आदेश एक वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगा, ताकि छात्र दोबारा ऐसी किसी गतिविधि में शामिल न हों जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़े.
विवाद के बाद प्रशासनिक सख्ती
लाल बारादरी में नमाज पढ़ने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आ गया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस बल परिसर में लगातार निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को टाला जा सके. छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि परिसर की मर्यादा और सार्वजनिक व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा. फिलहाल, सभी 13 चिह्नित छात्रों के खिलाफ आगे की प्रशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है.