शराब और सिगरेट की एक मामूली सी तकरार ने दोस्ती को इस कदर खून में बदल दिया कि इंसानियत कांप उठी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भरोसे, साथ और दोस्ती के रिश्ते को बेरहमी से खत्म कर दिया गया. सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में दोस्तों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ा कि दो युवकों ने मिलकर अपने ही दोस्त की न सिर्फ हत्या कर दी, बल्कि पहचान मिटाने के लिए उसके शव को आग के हवाले कर दिया.
पहले सिर पर गमला मारकर उसे बेहोश किया गया, फिर चाकू से उसका गला रेत दिया गया. इसके बाद पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर शव को आग के हवाले कर दिया गया.
डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि 7 जनवरी को सचिन, निहाल के घर पर शराब पार्टी के लिए पहुंचा था. शराब खत्म होने के बाद दोबारा लाने की बात पर कहासुनी बढ़ गई. गुस्से में निहाल और उसके साथी ने सचिन के सिर पर गमला मार दिया. जमीन पर गिरते ही चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद निहाल ने अपने ममेरे भाई करन वाल्मीकि को घर बुलाया. तीनों ने शव को पहले चादर में लपेटा, फिर प्लास्टिक में बांधा और स्कूटी पर लादकर बाहर निकले. तीनों आरोपी भागीरथी एन्क्लेव के पास एक सुनसान मैदान में शव फेंक आए.
इसके बाद वे पेट्रोल लेने नीलमथा पहुंचे, लेकिन बोतल में पेट्रोल देने से मना कर दिया गया. इसके बाद स्कूटी में 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया गया और मफलर से तेल निकालकर शव पर छिड़क दिया गया. फिर शव को आग लगा दी गई.
सुशांत गोल्फ सिटी थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि घटना के वक्त निहाल की मां कल्पना पास के कमरे में मौजूद थी. हत्या की जानकारी होने पर उन्होंने शव ढंकने के लिए चादर दी. इसके बाद निहाल की मां और करन ने घर में मौजूद सबूत मिटाने की भी कोशिश की. पुलिस का कहना है कि निहाल की मां और एक दोस्त विनय फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. डीसीपी निपुण अग्रवाल ने टीम गठित कर दोनों मुख्य आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.