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ससुर 4 बार MLA, एक बार सांसद, जानिए कौन हैं SP से BJP में आने वाली शाहजहांपुर की मेयर कैंडिडेट अर्चना वर्मा

उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इन सबके बीच भाजपा ने विपक्षी कुनबे में सेंध लगानी शुरू कर दी है. शाहजहांपुर से समाजवादी पार्टी की मेयर प्रत्याशी रही अर्चना वर्मा ने रविवार को बीजेपी का दामन थाम लिया.

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अर्चना वर्मा ने रविवार को ही थामा था बीजेपी का दामन
अर्चना वर्मा ने रविवार को ही थामा था बीजेपी का दामन

यूपी नगर निकाय चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी बीजेपी ने बड़ा झटका दिया है. शाहजहांपुर से सपा ने जिस अर्चना वर्मा को अपना प्रत्याक्षी घोषित किया था वह रविवार को भाजपा में शामिल हो गईं. सपा के पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा की बहू अर्चना वर्मा को बीजेपी ने तुरंत ही शाहजहांपुर नगर निगम से अपना मेयर का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया. शाहजहांपुर मेयर की सीट OBC महिला के लिए आरक्षित है. समाजवादी पार्टी ने करीब दो हफ्ते पहले अर्चना को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन वह अभी तक अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाई थी.

अर्चना गौतम सपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पूर्व राज्यमंत्री दिवंगत राममूर्ति सिंह वर्मा की बहू हैं. उनका परिवार राजनीति में कई दशकों से सक्रिय है. अर्चना खुद भी सपा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं.

परिवार का राजनीति से है ताल्लुक

अर्चना वर्मा के ससुर दिवंगत राम मूर्ति सिंह वर्मा शाहजहांपुर से दो बार सांसद और चार बार के विधायक रह चुके हैं. 2004 में अर्चना गौतम सपा के टिकट पर जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में चुनी गई थीं. अर्चना के पति राजेश कुमार वर्मा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में ददरौल सील से समाजवादी पार्टी  के टिकट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

क्या है शाहजहांपुर का गणित

यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी, सपा तथा बसपा के बीच होने की संभावना हैं. कांग्रेस ने यहां से पूर्व चेयरमैन मोहम्मद इकबाल अंसारी की पत्नी निकहत इकबाल को अपना उम्मदीवार बनाया है. किसान बहुत इस क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.  2017 में यहां नगर पालिका थी तब सपा की आरा बेगम ने बीजेपी की नीलिमा प्रसाद को शिकस्त दी थी. वहीं वोटिंग तारीख की बात करें तो यहां दूसरे चरण के तहत 11 मई को वोट डाले जाएंगे और 13 मई को काउंटिंग होगी.

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महिला वोटर्स का दबदबा

वोटरों की बात करें तो यहां नगर निगम में 6 लाख से अधिक मतदाता है और महिला मतदाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है. महिला वोटर्स की संख्या जहां 3 लाख 25 हजार से अधिक है तो वहीं पुरुष वोटर्स की संख्या यहां 2 लाख 87 हजार से कुछ अधिक है. साफ है कि इस सीट पर महिला मतदाता अहम और निर्णायक भूमिका अदा करेंगे. शाहजहांपुर भी उत्तर प्रदेश का वो इलाका है जहां गन्ने की खेती खूब होती है. इस सीट पर पहली बार नगर निगम का चुनाव हो रहा है क्योंकि इससे पहले यह नगर पालिका थी और 2018 में इसे 17वां नगर निगम बनाया गया था.

बीजेपी के लिए जरूरी हैं अर्चना!

अर्चना बीजेपी के लिए कितनी अहमियत रखती हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें खुद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और कैबिनट मंत्री सुरेश खन्ना ने पार्टी में शामिल करवाया. बृजेश पाठक ने इसके बाद ट्वीट किया और लिखा, 'आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में  भाजपा पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में शाहजहांपुर से सपा महापौर प्रत्याशी श्रीमती अर्चना वर्मा जी को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.'

क्या बोलीं अर्चना

वहीं बीजेपी में शामिल होने पर अर्चना वर्मा ने कहा कि सपा मिलने के बावजूद भी पार्टी नेतृत्व उनसे सहयोग नहीं कर रहा था और वह गुटबाजी से परेशान हो चुकीं थीं. अर्चना ने कहा कि वह चुनाव प्रचार के लिए कई बार सपा पदाधिकारियों से शहर के लोगों की सूची मांग रहीं थीं लेकिन यह भी उन्हें नहीं दी गई. अर्चना ने कहा कि वह बीजेपी में आकर सुरक्षित महसूस कर रही है और यहां रहकर अच्छे से लोगों की सेवा कर पाएंगी.

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