प्रयागराज शहर के पुराने और घनी आबादी वाले कीडगंज इलाके में एक महिला आईएएस अधिकारी का मकान का 15 हजार रुपये मासिक किराया और परिवार के साथ रहने का एग्रीमेंट. शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन जब पड़ोसियों की नजर रात के वक्त लड़कों और लड़कियों की बढ़ती आवाजाही पर पड़ी, तो शक गहराने लगा. यही शक धीरे-धीरे शिकायत में बदला और फिर पुलिस की कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी.
रविवार को कीडगंज इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक महिला आईएएस अधिकारी के किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया. पुलिस की छापेमारी के दौरान मकान के हर कमरे से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. अलग-अलग कमरों में लड़के-लड़कियां आपत्तिजनक हालत में पाए गए, जबकि मकान के बाहर पूरा नेटवर्क संभाल रहा सरगना निगरानी करता पकड़ा गया.
कीडगंज क्षेत्र में स्थित यह मकान पिछले कुछ महीनों से स्थानीय लोगों के लिए रहस्य बना हुआ था. दिन में भी और रात के वक्त तो खासतौर पर अजनबी लड़के-लड़कियों का आना-जाना लगा रहता था. शुरुआत में मोहल्ले वालों ने इसे किराएदार का निजी मामला समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब देर रात तक हलचल बढ़ने लगी और हर रोज नए चेहरे दिखने लगे, तो चर्चाएं शुरू हो गईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले परिवार के रहने का दावा किया गया था, इसलिए किसी ने सवाल नहीं उठाया. लेकिन समय के साथ माहौल बदलता गया. आखिरकार कुछ जागरूक लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को पूरी जानकारी दी.
गोपनीय निगरानी के बाद छापा
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले गोपनीय तरीके से निगरानी शुरू की. संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद एक विशेष टीम गठित की गई. तय योजना के तहत पुलिस टीम अचानक मकान पर पहुंची. पुलिस के मुताबिक दरवाजा खोलने के लिए कई बार आवाज दी गई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. शक और गहराने पर दरवाजा जबरन खुलवाया गया. जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, हर कमरे का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई.
हर कमरे में लड़के-लड़कियां मिले आपत्तिजनक हालत में
छापेमारी के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से चार युवतियां और चार युवक पकड़े गए, जो आपत्तिजनक स्थिति में थे. कमरों से कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. इसी दौरान मकान के बाहर खड़ा एक व्यक्ति पुलिस को संदिग्ध लगा. पूछताछ में उसकी पहचान सर्वेश दुबे के रूप में हुई, जो पूरे नेटवर्क का सरगना बताया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि सर्वेश बाहर रहकर निगरानी करता था और अंदर चल रही गतिविधियों पर नजर रखता था.
महिला IAS का मकान, किराए पर दिया गया था
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मकान एक महिला आईएएस अधिकारी का है. उन्होंने यह मकान करीब तीन महीने पहले सर्वेश दुबे को किराए पर दिया था. किराया प्रतिमाह 15 हजार रुपये तय हुआ था. किराए के एग्रीमेंट में साफ लिखा गया था कि किराएदार परिवार के साथ रहेगा. शुरुआती दिनों में सर्वेश ने मोहल्ले वालों का भरोसा जीतने के लिए अपने परिवार को कुछ समय तक उसी मकान में रखा. इससे किसी को संदेह नहीं हुआ. लेकिन कुछ समय बाद उसने अपने परिवार को अतरसुया स्थित अपने पुराने घर भेज दिया. परिवार के जाने के बाद ही मकान की गतिविधियों में अचानक बदलाव आया. दिन-रात नए चेहरे दिखने लगे. खासकर रात के वक्त युवतियों और युवकों का आना-जाना लगातार बढ़ता गया. यही बात मोहल्ले वालों को खटकने लगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में किसी ने खुलकर सवाल नहीं उठाया, लेकिन जब हालात लगातार बिगड़ते चले गए, तो शिकायत करना जरूरी हो गया.
अलग-अलग शहरों से लाई गईं लड़कियां
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ी गई चार युवतियों में एक पश्चिम बंगाल की रहने वाली है, एक वाराणसी की और दो प्रयागराज की ही हैं. वहीं पकड़े गए चारों युवक प्रयागराज के निवासी बताए जा रहे हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवतियों को यहां किस माध्यम से लाया गया, क्या किसी एजेंट की भूमिका थी और क्या यह नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हुआ है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. सभी से गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कड़ी को खंगाला जा रहा है. पुलिस ने यह भी साफ किया है कि मकान मालिक महिला आईएएस अधिकारी की इस पूरे मामले में फिलहाल कोई संलिप्तता सामने नहीं आई है. उन्हें किराएदार की अवैध गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी.