कानपुर के बिकरू कांड के एक और आरोपी को स्थानीय कोर्ट ने तीन साल जेल की सजा सुनाई है. आरोपी की सरकारी राशन की दुकान में अनाज के बोरे में देसी बम मिलने के मामले में उसे ये सजा सुनाई गई है. कानपुर देहात की स्पेशल कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाते हुए उस पर जुर्माना भी लगाया है.
सजा सुनाए गए आरोपी पर बिकरू कांड में भी भूमिका को लेकर केस दर्ज है जिसकी सुनवाई अभी चल ही रही है. बता दें कि चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 को विकास दुबे गैंग ने दबिश देने गई पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी. घटना में आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.
वहीं अनाज के बोरे में देसी बम पाए जाने के मामले में आरोपी दयाशंकर अग्निहोत्री को कोर्ट ने सजा सुनाई है. दयाशंकर अग्निहोत्री के सरकारी कोटे की दुकान को दूसरे के नाम पर स्थानांतरित करने के मामले में जब पुलिस पंचायत भवन में चलाई जा रही राशन दुकान में जांच करने पहुंची थी तो वहां अनाज के बोरे में देसी बम पाया गया था.
राशन की दुकान से देसी बम बरामद होने पर आरोपी पर विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था. इस मामले की सुनवाई कानपुर देहात की स्पेशल एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और अभियोजन की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी दया शंकर अग्निहोत्री को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा और तीन हजार का जुर्माना लगाया था.
वहीं इस मामले में एडीजीसी वकील प्रशांत मिश्रा ने बताया कि बिकरू कांड के बाद बिकरू गांव के दयाशंकर अग्निहोत्री का नाम इस इस मामले में शामिल किया गया था. उसी आधार पर गिरफ्तारी हुई थी.
बता दें कि दयाशंकर अग्निहोत्री विकास दुबे का साथी था जिसको पुलिस ने 4 जुलाई 2020 को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था. उस वक्त उसके ऊपर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.