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'2 घंटे में एक तमंचा चाहिए, पंडित को जेल भेजना है...' दारोगा का ऑडियो वायरल, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

अमेठी के मुसाफिरखाना में तैनात दारोगा हेम नारायण सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह कथित रूप से एक व्यक्ति को अवैध तमंचे के साथ फंसा कर जेल भेजने की बात कह रहे हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे लेकर यूपी पुलिस पर निशाना साधा है. अमेठी पुलिस ने मामले में सफाई देते हुए जांच की बात कही है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली में तैनात दारोगा हेम नारायण सिंह का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित रूप से एक व्यक्ति को अवैध तमंचे के साथ फंसा कर जेल भेजने की योजना बनाते सुनाई दे रहे हैं. वायरल ऑडियो में दारोगा अपने एक मुखबिर हिमांशु से कहते सुने जा रहे हैं कि दो घंटे में एक 315 बोर चाहिए. पंडित को जेल भेजना है. जो भी पैसा होगा, हम दे देंगे.'

इस ऑडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस ऑडियो क्लिप को अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर शेयर करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

'जनता अब ऐसे बहानों से तंग आ चुकी है'
अखिलेश ने X पर लिखा, नए कार्यवाहक डीजीपी साहब के स्वागत में जारी, उप्र की ईमानदार पुलिस का स्तुति संवाद. नवागंतुक प्रथम विभागीय कार्रवाई करने का ये सुनहरा अवसर न गंवाएं, बल्कि न्याय करके दिखाएं और ये कहकर किसी प्रश्रय प्राप्त को न बचाएं कि ये तो ‘AI’ से छेड़छाड़ करके बनाया गया आडियो है. जनता अब ऐसे बहानों से तंग आ चुकी है. कौन तमंचे की नकली बरामदगी दिखाकर, किस को बुक करना चाहता है, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए.

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अमेठी पुलिस की सफाई
विवाद बढ़ता देख अमेठी पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले पर सफाई दी है. पुलिस का कहना है कि ऑडियो में जिसे मुखबिर बताया जा रहा है, वह दरअसल एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है. पुलिस के मुताबिक, उसे 8 मई को एक मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था और इस संबंध में रिकॉर्ड भी मौजूद है.

प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऑडियो में जिस व्यक्ति को जेल भेजने की बात हो रही है, उसे न तो थाने लाया गया है और न ही उसका कोई चालान किया गया है.

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. दारोगा की भूमिका और ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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