लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगा एक और पोस्टर चर्चा में आया है. इस पोस्टर में सपा मुखिया अखिलेश यादव को 2024 का जननायक और 2027 का महानायक बताया गया है. इससे पहले जो पोस्टर चर्चा में आया था, उसमें अखिलेश यादव को सत्ताईस का सत्ताधीश बताया गया था.
सपा दफ्तर के बाहर लगे पोस्टर में अखिलेश यादव की फोटो के साथ लिखा है- "2024 का जननायक, 2027 का महानायक." इस पोस्टर को झांसी में समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने लगवाया है.
इससे पहले अखिलेश यादव के लिए एक और पोस्टर लगाया गया था, जोकि चर्चा में आ गया था. इस पोस्टर में सपा मुखिया को सत्ताईस का सत्ताधीश बताया गया था. इसे संत कबीर नगर के सपा नेता जयराम पांडे ने लगवाया है. वो जिले की मेहंदावल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट की दावेदारी कर रहे हैं. इस पोस्टर में लिखा- "24 में बरसा जनता का आशीष, दीवारों पर लिखा है, कौन होगा सत्ताईस का सत्ताधीश." जयराम पांडे के इस पोस्टर की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई.

'सत्ताईस का सत्ताधीश', चर्चा में आया अखिलेश यादव के लिए लखनऊ में लगाया गया पोस्टर
इसके अलावा जिन पोस्टरों की चर्चा हुई, उनमें सीएम योगी के नारे 'बंटेंगे तो कटेंगे' का पलटवार किया गया. दो दिन पहले ही सपा कार्यालय के बाहर महराजगंज के पार्टी नेता अमित चौबे ने पोस्टर लगवाया था, जिसमें लिखा था- 'मठाधीश बांटेंगे और कांटेंगे... पीडीए जोड़ेगी और जीतेगी.' दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपनी सभाओं में हिंदू समुदाय को एकजुट करने की बात करते हैं. हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले को लेकर उन्होंने नारा दिया था- 'बंटेंगे तो कटेंगे, एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे.'